MSP से ऊपर बिक रही कपास, मध्य प्रदेश की मंडियों में किसानों को मिल रहे 9,000 रुपये तक के भाव

MSP से ऊपर बिक रही कपास, मध्य प्रदेश की मंडियों में किसानों को मिल रहे 9,000 रुपये तक के भाव

मध्य प्रदेश की प्रमुख कपास मंडियों में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 8,267 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक भाव मिल रहे हैं. बुरहानपुर और खरगोन की मंडियों में कपास का मॉडल भाव 8,700 से 9,150 रुपये प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम भाव 9,500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया.

World Cotton Day 2026  ( file photo)World Cotton Day 2026 ( file photo)
क‍िसान तक
  • नई दिल्ली,
  • Oct 15, 2026,
  • Updated Oct 15, 2026, 5:23 PM IST

मध्य प्रदेश की प्रमुख कपास उत्पादक मंडियों में किसानों को इस समय न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से बेहतर दाम मिल रहे हैं. केंद्र सरकार ने मौजूदा सीजन के लिए मध्यम रेशा (मीडियम स्टेपल) कपास का MSP 8,267 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जबकि प्रदेश की कई मंडियों में कपास इसके ऊपर बिक रही है.

15 अक्टूबर 2026 को जारी मंडी भाव रिपोर्ट के अनुसार बुरहानपुर और खरगोन जिले की प्रमुख कृषि उपज मंडियों में कपास के भाव मजबूत बने हुए हैं. अधिकांश मंडियों में मॉडल भाव 8,700 रुपये से 9,150 रुपये प्रति क्विंटल के बीच दर्ज किए गए हैं.

कपास का न्यूनतम भाव 8,900 रुपये

बुरहानपुर एपीएमसी में कपास का न्यूनतम भाव 8,900 रुपये, अधिकतम भाव 9,200 रुपये और मॉडल भाव 9,000 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया. वहीं भीकनगांव एपीएमसी में मॉडल भाव 9,150 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जो प्रदेश की प्रमुख मंडियों में सबसे अधिक रहा. यहां अधिकतम भाव 9,500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा.

कसरावद एपीएमसी में कपास का मॉडल भाव 9,000 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम भाव 9,001 रुपये रहा. खरगोन एपीएमसी में अलग-अलग श्रेणियों की कपास के मॉडल भाव 8,800 से 8,900 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहे.

इसी तरह बड़वाह एपीएमसी में कपास का मॉडल भाव 8,700 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जबकि सनावद एपीएमसी में 8,750 रुपये और सेगांव एपीएमसी में 8,900 रुपये प्रति क्विंटल का मॉडल भाव रहा.

MSP से 900 रुपये ऊपर रेट

मंडी आंकड़ों से स्पष्ट है कि अधिकांश स्थानों पर कपास का भाव MSP 8,267 रुपये प्रति क्विंटल से 400 से 900 रुपये तक अधिक चल रहा है. इससे किसानों को सरकारी खरीद पर निर्भर हुए बिना खुले बाजार में बेहतर आमदनी मिलने की संभावना बनी हुई है.

विशेषज्ञों का मानना है कि अच्छी क्वालिटी वाली कपास, सीमित आवक और मिलों की खरीदारी के चलते बाजार में मजबूती बनी हुई है. यदि मांग इसी तरह बरकरार रहती है तो आने वाले दिनों में कपास के दाम MSP से ऊपर बने रह सकते हैं.

कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश की कपास मंडियों में किसानों को फिलहाल राहत देने वाले भाव मिल रहे हैं और बाजार का रुख किसानों के पक्ष में नजर आ रहा है.

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