बिहार की पहचान शिक्षा और कृषि के तौर पर होती थी. लेकिन आज राज्य के किसानों और उनके बच्चों को मजदूर बनाया जा रहा है. ये बातें किसान नेता राकेश टिकैत ने अपने तीन दिवसीय दौरे के दौरान पटना के सर्किट हाउस में मीडिया से कही. आगे किसान नेता टिकैत ने कहा कि आने वाले समय में किसानों के हित को लेकर बिहार में बड़ा आंदोलन किया जाएगा. राज्य से खेती चौपट हो रही है. किसी भी राज्य का विकास किसान का विनाश करके नहीं होगा. अगर ऐसा होता है तो किसान आंदोलन होता रहेगा. आज सूबे के किसानों को उनकी फसल का सरकारी रेट नहीं मिल रहा है. जबकि उनकी ही फसल को दूसरे राज्य में व्यापारी सरकारी रेट पर बेच रहे हैं. यह तब तक चलेगा जब तक बिहार में मंडी कानून लागू नहीं होता.