जहां जीविका से जुड़ी महिलाओं को पशुपालन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से उन्हें बकरी से जुड़ी प्रशिक्षण देने का काम किया गया था. जिसके बाद वह पशु सखी के तौर पर ग्रामीण क्षेत्र में बकरी से जुड़ी टीकाकरण और प्राथमिक उपचार में पशुपालकों की मदद कर रही थी.वहीं अब इन्हें भारत सरकार और राज्य सरकार की मदद से बड़े पशु यानी गाय और भैंस को लेकर टीकाकरण से उनकी प्राथमिक इलाज में पशु चिकित्सकों की मदद करेंगी.जिसका प्रशिक्षण बिहार वेटनरी कॉलेज में महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया.