पृथ्वी पर जीवन के लिए मधुमक्खियां का भी जीवित रहना जरूरी है. लगातार कीटनाशक के छिड़काव और जलवायु परिवर्तन के असर के चलते मधुमक्खी ही नहीं कई तरह के मित्र कीट भी अब खत्म होने लगे हैं. ऐसे में फसलों का उत्पादन प्रभावित हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ फसलों में विकृति भी बढ़ी है. मधुमक्खी पालन के द्वारा न सिर्फ किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं बल्कि इससे फसलों का उत्पादन भी 200 से ज्यादा प्रतिशत तक कई फसलों में बढ़ जाता है. गेहूं चावल को छोड़कर सभी फसलों में पोलिनेशन का काम मधुमक्खियां के द्वारा ही किया जाता है. पुणे स्थित नेशनल बी कीपिंग इंस्टिट्यूट में 37 सालों तक वैज्ञानिक पद पर काम करने वाले धनंजय मनोहर वागले ने किसान तक से बात करते हुए बताया की मधुमक्खियां का जीवित रहना हमारे अस्तित्व के लिए जरूरी है.