खरीफ सीजन में बारिश के इंतज़ार में किसान धान कि रोपाई नहीं कर पा रहे हैं. वहीं कृषि वैज्ञानिक इस दौरान मौसम के बदले मिजाज़ को देखते हुए धान की जगह ऊपर वाली ज़मीन में अरहर,उड़द ,मक्का ,सोयाबीन की खेती करने की सलाह दे रहे हैं. इसके साथ ही मोटे अनाज की खेती करने की सलाह दी जा रही है. जिससे किसान ज़मीन को ख़ाली रखने की जगह उसका उपयोग कर सके और कमाई कर सके. आगे वह बताते हैं कि इस दौरान अगर धान की नर्सरी 22 दिन पुरानी है, तो एक धान का पौधा खेत में लगाएं और 22 दिन से अधिक की हो चुकी है तो धान का क़रीब चार पौधों को एक साथ खेत में लगाए.