स्टेकिंग और मलचिंग विधि (Mulching Method) से अगर कोई किसान खीरे की खेती करता है तो वह प्रति क्रॉप 25% तक खेती में लगने वाले खर्च को कम कर सकता है. इसके बारे में विस्तार से बताते हुए किसान विनय कुमार कहते हैं कि आज के समय में केवल खीरा कि खेती से किसान अच्छी कमाई कर सकते हैं. किसान साल में तीन बार एक ही खर्च से खीरा का उत्पादन कर सकता है. फरवरी,अप्रैल और अगस्त महीना में खीरा की फसल लगाया जा सकता है. और ये 35 दिनों में फल टूटने लगता है.