
देश में कई राज्यों में बुधवार को अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली. दिल्ली-एनसीआर में भी कई घंटे तक हुई बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई. अब भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 जुलाई के लिए भी कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है, जबकि उत्तर-पश्चिम, पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों में मॉनसून सक्रिय बना रहेगा. साथ ही, अगले दो-तीन दिनों में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बाकी हिस्सों में आगे बढ़ने और पूरे देश को कवर करने की परिस्थितियां अनुकूल हैं. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
देहरादून: भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से उत्तराखंड में तीन नेशनल हाईवे समेत 120 सड़कें बंद हो गईं. वहीं, यमुनोत्री नेशनल हाईवे का रास्ता दो दिनों से कटा हुआ था और सड़क का एक हिस्सा बह गया था, जिसके बाद रस्सियों की मदद से करीब 100 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) के अनुसार, गुरुवार को लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन से उत्तरकाशी जिले के स्यानाचट्टी में हाईवे पर भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया, जिससे सड़क का लगभग 100 मीटर हिस्सा बह गया. बचाव कर्मियों ने एक वैकल्पिक रास्ते पर रस्सी बांधी और फंसे हुए यात्रियों को एक-एक करके सावधानी से उस पार पहुंचाया. (पीटीआई)
नई दिल्ली: IMD की ओर से हल्की बारिश के अनुमान के बीच, शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में न्यूनतम तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई. शहर के मौसम का प्रतिनिधित्व करने वाले सफदरजंग स्टेशन पर न्यूनतम तापमान 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री कम था और एक दिन पहले की तुलना में 0.8 डिग्री अधिक था. अन्य मौसम स्टेशनों में, पालम में न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले की तुलना में 0.1 डिग्री अधिक था; लोधी रोड पर 26.2 डिग्री सेल्सियस, जो शुक्रवार के न्यूनतम तापमान से 0.5 डिग्री अधिक था; रिज और आयानगर में क्रमशः 23.5 डिग्री और 26 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो शुक्रवार की तुलना में क्रमशः 0.6 और 1.4 डिग्री कम था. (पीटीआई)
राजस्थान के कुछ हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश; श्री गंगानगर में भीषण गर्मी - 42 डिग्री सेल्सियस
यहां जारी दैनिक मौसम अपडेट के अनुसार, शनिवार सुबह समाप्त हुए 24 घंटों में राजस्थान के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चलीं और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई.
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस अवधि के दौरान चूरू जिले के राजगढ़/सादुलपुर में राज्य में सबसे अधिक 55 मिमी वर्षा दर्ज की गई.
राज्य में सबसे अधिक तापमान श्री गंगानगर में 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम तापमान सिरोही में 21 डिग्री सेल्सियस रहा.
गुजरात में कपास की खेती को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. केंद्र सरकार के 'मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी' के तहत राज्य को वर्ष 2026-27 के लिए 134.80 करोड़ रुपये की मंजूरी मिली है. इस योजना के तहत पात्र किसानों को प्रति हेक्टेयर इनपुट सहायता दी जाएगी और आवेदन 10 जुलाई 2026 से आई खेडुत (i-Khedut) पोर्टल पर शुरू हो गए हैं. गुजरात के कृषि मंत्री जीतू वाघाणी ने बताया कि केंद्र सरकार ने देश में कपास उत्पादन बढ़ाने, आयात पर निर्भरता कम करने और किसानों की आय मजबूत करने के उद्देश्य से वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक 'मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी' शुरू किया है.
इस वर्ष गुजरात के लिए 134.80 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है. राज्य में इस योजना के तहत 21 कपास उत्पादक जिलों में एक लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है.
महाराष्ट्र के लातूर और धाराशिव ज़िलों में किसानों के लिए घोंघे (snails) नई मुसीबत बन गए हैं क्योंकि वे सोयाबीन के छोटे पौधों को खा रहे हैं; यह समस्या नदियों और अन्य जलस्रोतों के पास वाले खेतों में ज़्यादा गंभीर है.
कृषि अधीक्षक अधिकारी महेश तीर्थकर ने शनिवार को PTI को बताया कि घोंघे रात में बाहर निकलते हैं और सोयाबीन की नई फसल की कोमल पत्तियां खाते हैं.
चमोली जनपद के थराली क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित है. थराली क्षेत्र में घाघली गधेरे में भारी मलबा आने से थराली–देवाल और थराली–कुराड़–प्राथा मोटर मार्ग बाधित हो गए. विभाग ने जेसीबी की मदद से थराली–देवाल मार्ग खोल दिया है, जबकि कुराड़–प्राथा मार्ग अभी भी बंद है. वहीं, उफनते गधेरे के किनारे बसे राड़ीबगड़ गांव के ग्रामीणों ने पूरी रात दहशत में बिताई. ग्रामीणों ने सुरक्षा दीवार निर्माण में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रशासन से जल्द स्थायी सुरक्षा कार्य कराने की मांग की है. लगातार बारिश के कारण जिले के कई अन्य मार्ग भी प्रभावित हैं.
झारखण्ड के गढ़वा जिले के वन प्रमंडल रंका के सीमावर्ती क्षेत्र सिंजो गांव में अहले सुबह जंगली हाथी के हमले में एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई. इस घटना से पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है.
11 जुलाई की सुबह 8:30 बजे तक घंटों के दौरान उत्तराखंड में औसतन 15.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य 14.4 मिमी के मुकाबले 9 प्रतिशत अधिक है.
8-9 जुलाई को 300 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई थी.
पिछले 24 घंटों में बागेश्वर में सबसे अधिक 39.6 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से 442 प्रतिशत अधिक रही.
इसके अलावा टिहरी गढ़वाल में 38 मिमी वर्षा के साथ 342 प्रतिशत, अल्मोड़ा में 22 मिमी के साथ 201 प्रतिशत, चमोली में 14.1 मिमी के साथ 62 प्रतिशत, हरिद्वार में 20.8 मिमी के साथ 46 प्रतिशत और पौड़ी गढ़वाल में 20.1 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो सामान्य से 40 प्रतिशत अधिक रही.
पहाड़ों में मॉनसून की दस्तक के साथ ही भू बैकुंठ बदरीनाथ धाम में भी लगातार तीन दिनों से मौसम बरस रहा है. यहां पहुंचे श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दे रहा है. हालांकि, बदरीनाथ में बारिश हो रही लेखी श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार बनी हुई है हर कोई उत्साहित है. वहीं, अलकनंदा नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है तो धाम में लगातार श्रद्धालुओं का उत्साह भी बना हुआ है.
मध्य प्रदेश के छतरपुर और पन्ना जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. आंदोलन आठवें दिन में प्रवेश कर गया है. पहले चिता सत्याग्रह, फिर मिट्टी सत्याग्रह और जल सत्याग्रह के बाद अब प्रदर्शनकारियों ने फांसी सत्याग्रह भी शुरू कर दिया है. उधर, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर का आमरण अनशन भी पांचवें दिन जारी है.
नांदेड़ शहर के पास SGGS कॉलेज के सामने पूल का एक हिस्सा गिर गया. यह घटना कल सुबह करीब 11 बजे हुई थी. पुल का हिस्सा गिरने का CCTV में कैद हुआ है. यह नेशनल हाईवे 361 है, जो नागपुर से तुलजापुर जाता है. नांदेड़-लातूर हाईवे पर इस फ्लाईओवर का काम एक साल पहले पूरा हुआ था. इस हाईवे पर 1100 करोड़ की लागत से काम हुआ है. कुछ जगहों पर अभी भी काम चल रहा है. इस इलाके में बहुत ट्रैफिक रहता है क्योंकि यहां SGGS कॉलेज और एक सरकारी हॉस्पिटल है.
अकोला में सोयाबीन बीजों की खराब अंकुरण क्षमता को लेकर अकोला में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक और किसान आंदोलन देखने को मिला. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अजीत पवार के पूर्व विधायक अमोल मिटकरी किसानों के साथ जिला कृषि अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और कथित रूप से जिला कृषि अधीक्षक मुरलीधर इंगले को उनके कार्यालय में ही रोक दिया. इसके बाद कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर मिटकरी ने किसानों के साथ धरना शुरू कर दिया.
बिजनौर जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. बारिश के चलते पहाड़ा नदी उफान पर आ गई है, जिससे बढ़ापुर थाना क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांव पानी की चपेट में आ गए हैं. नदी का जलस्तर बढ़ने से कई संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं और ग्रामीणों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो गया है.
हालात ऐसे हैं कि कई गांवों का मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है. मजबूरी में ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर बुग्गी के सहारे उफनती नदी पार करने को विवश हैं. नदी पार करते समय किसी भी क्षण बड़ा हादसा होने का खतरा बना हुआ है, लेकिन रोजमर्रा की जरूरतों और जरूरी कामों के चलते लोग इस जोखिम को उठाने के लिए मजबूर हैं.
राजधानी दिल्ली में लगातार बारिश के बाद अब मॉनसून की गतिविधियों पर ब्रेक लगने वाला है. मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक दिल्ली में बारिश की रफ्तार धीमी रहेगी और लोगों को एक बार फिर उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है. मॉनसून ब्रेक की स्थिति के चलते अगले करीब एक सप्ताह तक बारिश की संभावना काफी कम है. इस दौरान अधिकतम तापमान बढ़कर 37 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.