भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा पूर्वानुमान में देश के मौसम में अगले कुछ दिनों तक उतार-चढ़ाव बने रहने की बात कही है. IMD ने चेतावनी दी है कि दो पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में 16, 17 और 18 फरवरी के दौरान छिटपुट बारिश और बर्फबारी हो सकती है. इसके साथ ही 17 और 18 फरवरी को उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक की संभावना है. वहीं, हिमाचल प्रदेश में 15 फरवरी तक सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी जारी की गई है. वहीं, आज किसान तक का किसान कारवां अपने 24वें पड़ाव में राजधानी लखनऊ पहुंचेगी, जहां किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी दी जाएगी.
दशहरी आमों के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध लखनऊ में ‘किसान तक’ का किसान कारवां अपने 24वें पड़ाव के रूप में मोहनलालगंज ब्लॉक के नटौली गांव पहुंचा. गोमती नदी की गोद में बसा यह जिला अपनी मलिहाबादी आम उत्पादन के लिए मशहूर होने की वजह से कृषि क्षेत्र में अपनी आत्मनिर्भरता का मजबूत उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है. उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया टुडे ग्रुप के संयुक्त प्रयास से प्रदेश के 75 जिलों में आयोजित हो रहे इस किसान कारवां के नटौली गांव पहुंचने पर बड़ी संख्या में महिला और पुरुष किसानों के साथ युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है.
कार्यक्रम को लेकर गांव में उत्साह और जागरूकता का माहौल बना देखने को मिल रहा है. वहीं, हार्वेस्ट पल्स, इफ्फको और इफ्फको एमसी ने अपने कृषि उत्पादों को लेकर किसानों को जानकारी दे रहे हैं.. साथ ही मुथूट फाइनेंस ने जनहित को ध्यान में रखते हुए पैसों की जरूरत को सोने के मदद से कैसे पूरी की जा सकती है.इसको लेकर भी जानकारी ग्रामीणों को देने का काम कर रहे हैं.
18% टैरिफ बनाम 0% - आइए समझाता हूं, कैसे झूठ बोलने में माहिर प्रधानमंत्री और उनकी कैबिनेट इसपर भ्रम फैला रहे हैं और, किस तरह से वो भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स को धोखा दे रहे हैं.
बांग्लादेश को अमेरिका में गारमेंट्स निर्यात पर 0% टैरिफ का फायदा दिया जा रहा है - शर्त बस इतनी है कि वो अमेरिकी कपास आयात करें.
भारत के गारमेंट्स पर 18% टैरिफ की घोषणा के बाद जब मैंने संसद में बांग्लादेश को मिल रही खास रियायत पर सवाल उठाया, तब मोदी सरकार के मंत्री का जवाब आया - “अगर यही फायदा हमें भी चाहिए, तो अमेरिका से कपास मंगवानी होगी.”
आखिर, ये बात तब तक देश से छुपाई क्यों गई?
और, ये कैसी नीति है? क्या यह सचमुच में कोई विकल्प है - या फिर “आगे कुआं, पीछे खाई” की हालत में फंसाने वाला जाल?
अगर हम अमेरिकी कपास मंगवाते हैं तो हमारे अपने किसान बर्बाद हो जाएंगे. अगर नहीं मंगवाते, तो हमारा टेक्सटाइल उद्योग पिछड़कर तबाह हो जाएगा.
और, अब बांग्लादेश यह संकेत दे रहा है कि वह भारत से कपास आयात भी कम या बंद कर सकता है.
भारत में टेक्सटाइल उद्योग और कपास की खेती आजीविका की रीढ़ हैं। करोड़ों लोगों की रोज़ी-रोटी इन्हीं पर टिकी है. इन क्षेत्रों पर चोट का मतलब है लाखों परिवारों को बेरोज़गारी और आर्थिक संकट की खाई में धकेल देना.
एक दूरदर्शी और राष्ट्रहित में सोचने वाली सरकार ऐसा सौदा करती जो कपास किसानों और टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स - दोनों के हितों की रक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करती.
लेकिन इसके ठीक उलट, नरेंद्र “सरेंडर” मोदी और उनके मंत्रियों ने ऐसा समझौता किया है जो दोनों क्षेत्रों को गहरी चोट पहुंचाने वाला साबित हो सकता है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा पूर्वानुमान में देश के मौसम में अगले कुछ दिनों तक उतार-चढ़ाव बने रहने की बात कही है. IMD ने चेतावनी दी है कि दो पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में 16, 17 और 18 फरवरी के दौरान छिटपुट बारिश और बर्फबारी हो सकती है. इसके साथ ही 17 और 18 फरवरी को उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक की संभावना है. वहीं, हिमाचल प्रदेश में 15 फरवरी तक सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी जारी की गई है, जिससे विजिबिलिटी बेहद कम हो सकती है. (पूरी खबर पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें)
डिप्टी चीफ मिनिस्टर कनक वर्धन सिंह देव ने शुक्रवार को यहां कहा कि ओडिशा अकेला ऐसा राज्य है जिसने महिलाओं के लिए खेती की मशीनरी बनाने के लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार किया है.
वह जेंडर रिस्पॉन्सिव सेल को इंस्टीट्यूशनलाइज़ करना: फ्रेमवर्क और रोडमैप पर शुरुआती वर्कशॉप में बोल रहे थे.
ओडिशा के एग्रीकल्चर और फार्मर्स एम्पावरमेंट डिपार्टमेंट ने इंटरनेशनल फूड पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट (IFPRI) के साथ मिलकर और गेट्स फाउंडेशन के सपोर्ट से यहां वर्कशॉप ऑर्गनाइज़ की थी.
यह ध्यान देने वाली बात है कि ओडिशा सरकार ने नवंबर में कृषि भवन में जेंडर रिस्पॉन्सिव सेल का उद्घाटन किया था, जो महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास और इनक्लूसिव एग्रीकल्चरल सिस्टम को आगे बढ़ाने के राज्य के कमिटमेंट को दिखाता है.
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद के मंडावर थाना क्षेत्र के ग्राम फजलपुर में दिन के समय गुलदार के खुलेआम घूमने से ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया. घटना उस समय की बताई जा रही है जब किसान अपने खेतों में काम कर रहे थे और अचानक उन्हें खेत के बीचोंबीच एक गुलदार दिखाई दिया.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गांव के अनिल राठी के खेत में गुलदार काफी देर तक इधर-उधर घूमता रहा. खेतों में काम कर रहे लोगों ने जब उसे देखा तो वे सुरक्षित स्थानों की ओर भागे और अन्य ग्रामीणों को भी सतर्क किया. सूचना मिलते ही आसपास के लोगों में दहशत फैल गई.
इस दौरान किसी ग्रामीण ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वायरल वीडियो में एक दिलचस्प दृश्य भी कैद हुआ है. गुलदार के सामने एक नीलगाय खड़ी दिखाई दे रही है. दोनों कुछ क्षण आमने-सामने रहे, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि गुलदार ने नीलगाय पर हमला नहीं किया और शांत भाव से वहां से आगे बढ़ गया.
सहारनपुर के एक प्रगतिशील किसान ने गुलाब की खेती से नई पहचान बनाई है, और फरवरी का महीना उनके लिए किसी त्योहार से कम नहीं होता. वैलेंटाइन डे के आसपास जैसे-जैसे प्यार का इजहार करने का दौर शुरू होता है, वैसे-वैसे मंडियों में गुलाब की मांग कई गुना बढ़ जाती है. खासतौर पर लाल गुलाब की डिमांड इतनी ज्यादा हो जाती है कि दाम सामान्य दिनों के मुकाबले चार गुना तक पहुंच जाते हैं.
उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से वैलेंटाइन डे से पहले एक ऐसी “बड़ी खबर” सामने आई है, जिसमें प्यार से ज्यादा पहरेदारी और नैतिकता की गूंज सुनाई दे रही है. भारतीय किसान यूनियन जनशक्ति ने 14 फरवरी यानि वैलेंटाइन डे को लेकर सख्त तेवर अपनाते हुए इसे “काला दिन” घोषित कर दिया है.
संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप चौहान ने सार्वजनिक स्थानों पर कथित “अनैतिक गतिविधियों” पर कार्रवाई की चेतावनी दी है. रेस्टोरेंट, कैफे, पार्क और यहां तक कि होटल भी संगठन की “निगरानी सूची” में बताए जा रहे हैं. यानी 14 फरवरी को गुलाब के साथ-साथ गश्त भी नजर आ सकती है.
अपने वीडियो संदेश में प्रवक्ता ने साफ कहा कि अगर जिले में कहीं भी किसी ओयो होटल या रेस्टोरेंट में “गड़बड़ी” पाई गई, तो सिर्फ कार्रवाई ही नहीं, “डंडे” भी तैयार रहेंगे. इतना ही नहीं, लोगों से अपील की गई है कि अगर उन्हें कहीं भी वैलेंटाइन डे पर कोई गतिविधि दिखे, तो संगठन के नंबर पर कॉल कर सूचना दें. मानो प्रेम नहीं, कोई आपातकालीन स्थिति हो.
उत्तर-भारत सहित देश के अलग-अलग राज्यों में अभी से गर्मी का अहसास होने लगा है. हालांकि, शाम के समय अब भी सर्दी का असर जारी है. ऐसे में मौसम विभाग ने आज यानी 14 फरवरी के मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के मुताबिक 14 से 16 फरवरी के बीच हिमालयी क्षेत्रों में छिटपुट बादल बरसेंगे.
वहीं, देश के दक्षिणी, पूर्वोत्तर और पश्चिमी हिस्सों में गर्मी का अहसास होने लगा है. 16 फरवरी से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्यों के मौसम को प्रभावित कर सकता है. वहीं, 18-19 फरवरी को दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान जताया जा रहा है. इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी और बारिश की संभावना है.