
देशभर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. वहीं, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के ऊपर बन रहा कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती सिस्टम में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसके असर से नवंबर की शुरुआत में कई राज्यों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में आदमखोर बाघों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है... जंगल से सटे गांवों में अब खेतों में काम करना भी जानलेवा साबित हो रहा है. शुक्रवार को जिले के तीन अलग-अलग इलाकों में बाघ ने कहर बरपाया. दो किसानों को मौत के घाट उतार दिया, जबकि एक चरवाहे को गंभीर रूप से घायल कर दिया. वहीं, सिंदेवाही क्षेत्र में महज आठ दिनों के भीतर बाघ के हमले में यह तीसरी मौत बताई जा रही है. लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में भारी दहशत है.
पंजाब में हर साल पराली को आग लगाने की कई घटनाएं सामने आई है. वहीं, सरकार और प्रशासन की ओर से पराली को आग न लगाने की अपील समय समय पर की जाती है. लेकिन अपील के बावजूद भी उसे नजरअंदाज कर किसानों द्वारा पराली को आग लगाई जा रही है और पराली जलने से प्रदूषण का स्तर ज्यादा बढ़ने से हवा में उसका दुष्प्रभाव भी बढ़ रहा है. ऐसा हो एक मामला जालंधर के गांव पूरनपुर में देखने को मिला है. जहां बीती 22 ओर 23 तारीख को पराली को आग लगाई गई और कई एकड़ जमीन पर पराली को जलाया गया, पराली को आग लगाने की इस घटना के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम भी नहीं उठाया गया है.
बठिंडा में पराली जलाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है किसान लगातार खेतों में पराली को आग के हवाले कर रहे हैं. इससे जहां हवा प्रदूषित हो रही है वहीं आने वाले दिनों में यह जहरीला धुआं लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है बठिंडा के गांव दियोण में भी किसानों द्वारा पराली को आग लगाई गई.
किसान नेताओं ने पराली जलाने को अपना शौक नहीं, बल्कि मजबूरी बताया किसानों का कहना है कि सरकार चाहे रेड एंट्री कर दे मामले दर्ज कर ले या फिर कितने भी जुर्माने लगा दे लेकिन जब तक हर गांव में पराली के उचित प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम नहीं किए जाते तब तक किसानों के पास पराली जलाने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है.
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में लोगों ने आसमान की ओर देखा तो नजारा कुछ अलग था. आसमान में छाए बादल लाल रंग में रंगे नजर आ रहे थे. ऐसा लग रहा था, जैसे किसी ने आसमान पर लाल रंग की चादर डाल दी हो. देखते ही देखते इस नजारे के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे. आसमान का रंग क्यों बदला, इसकी असली वजह जानने के लिए मौसम विभाग या संबंधित एजेंसियों की आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना होगा.