
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान, कच्छ और दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान से सटे क्षेत्र में निम्न दबाव क्षेत्र बना हुआ है. इसके प्रभाव से सौराष्ट्र और कच्छ में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है. वहीं, आज से उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए एक बार फिर बड़ा अभियान शुरू हो रहा है. किसान तक (इंडिया टुडे समूह) और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से किसान कारवां 2.0 की शुरुआत 16 सितंबर से गोरखपुर से हो रही है. इस चरण में प्रदेश के अलग-अलग कृषि-जलवायु क्षेत्रों में क्षेत्रीय किसान महासभाओं का आयोजन किया जाएगा. किसान कारवां 2.0 की पहली किसान महासभा की शुरुआत 16 सितंबर से हो गई है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
अपने बिहार परिवार के बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए मैं अपना दो महीने का वेतन मुख्यमन्त्री राहत कोष में समर्पित करता हूं.
बिहार राज्य सरकार द्वारा बाढ़ से प्रभावित परिवारों को ₹7,000 प्रति परिवार की वित्तीय सहायता के रूप में कुल ₹550 करोड़ से अधिक की राशि प्रदान की गई है.
राहत शिविरों, कम्युनिटी किचन, चिकित्सा सुविधाओं और पशु चारे की व्यवस्था के साथ NDRF और SDRF की टीमें बचाव कार्यों में तैनात हैं.
किसानों की फसल क्षति का आकलन कर आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी जारी है.
हम बिहार के बाढ़ प्रभावित परिवारजनों के साथ पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ खड़े हैं: मनोज तिवारी
लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने शुक्रवार को सी बकथॉर्न बेरी की खरीद कीमत 150 रुपये से बढ़ाकर कम से कम 300 रुपये प्रति किलोग्राम करने का ऐलान किया. अधिकारियों का कहना है कि 100% की यह बढ़ोतरी किसानों की आय बढ़ाने के मकसद से की गई है.
सक्सेना ने लेह में आयोजित दो दिवसीय इंटरनेशनल सी बकथॉर्न कॉन्क्लेव के उद्घाटन के दिन यह घोषणा की.
उपराज्यपाल ने कहा कि उत्पादन कीमत में इस बड़ी बढ़ोतरी का मकसद उन किसानों और स्थानीय समुदायों की आय बढ़ाना है जो सी बकथॉर्न के उत्पादन में लगे हैं, जिसे अक्सर लद्दाख की 'वंडर बेरी' कहा जाता है.
तेलंगाना विधानसभा ने शुक्रवार को एक प्रस्ताव पास किया जिसमें केंद्र से ₹20,000 करोड़ का पैकेज देने की मांग की गई है. यह पैकेज अल नीनो के असर से निपटने के लिए मांगा गया है, जिसके कारण राज्य में बारिश कम हुई है.
प्रस्ताव पेश करने वाले डिप्टी सीएम मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि 1 जून से 16 सितंबर के बीच राज्य में सामान्य बारिश 664.5 मिमी के मुकाबले सिर्फ़ 536.6 मिमी बारिश हुई.
उन्होंने बताया कि राज्य के 33 में से 19 ज़िलों में बारिश की कमी है, मॉनसून के दौरान खेती का सामान्य रकबा 139.29 लाख एकड़ होता है, लेकिन इसमें से सिर्फ़ 88 प्रतिशत हिस्से में ही फ़सलें उगाई गईं.
भूटान की पहाड़ियों से आए पानी से असम के चिरांग जिले के कई गांवों में घर, सड़कें और कृषि भूमि जलमग्न हो गई. बीते रात से असम के चिरांग जिले के साथ ही पड़ोसी देश भूटान में हुई मूसलाधार बारिश से भूटान से बहने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ने से चिरांग जिले के कई गांव जलमग्न हो गया.
चिरांग जिले के आमीनपाड़ा,थाईगागुड़ी, गरसिंगपाड़ा के साथ कई गांव जलमग्न होने के कारण हजारों लोग बाढ़ से त्रस्त होने के साथ ही कई सैकड़ों हैक्टेयर कृषि खेती नष्ट होने की खबर है.
गुजरात के नायब मुख्यमंत्री हर्ष संघवी की सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत बाइक यात्रा खेड़ा जिले के कनीज गांव पहुंची.
गांधीनगर से बाइक चलाकर सेवा यात्रियों के साथ पहुंचे हर्ष संघवी ने कनीज में महमेदााबाद तालुका की करीब 20 महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी मंडलियों की सदस्यों, कमिटी मेंबर्स और ग्रामीणों से संवाद किया.
जामनगर जिले में सिंचाई के पानी की मांग को लेकर किसानों द्वारा ज्ञापन और घेराव का कार्यक्रम आयोजित किया गया. किसानों ने जामनगर कलेक्टर तथा सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया.