
देश के कई राज्यों में मौसम बदलने वाला है. बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र चक्रवाती तूफान में बदल सकता है. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, यह सिस्टम 24 अक्टूबर को डिप्रेशन, 25 अक्टूबर को गहरे डिप्रेशन और 26 अक्टूबर की सुबह तक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है. वहीं, किसान कारवां 2.0 उत्तर प्रदेश के विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में किसानों तक पहुंच रहा है. इसी कड़ी में 24 अक्टूबर को झांसी में किसान महासभा का आयोजन होगा. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
फरीदकोट पहुंचे पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड़ियां ने परली के मामले को लेकर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा के बहुत साल पहले परली जलाने के बहुत मामला हुआ करता था. मगर अब धीरे-धीरे कमी आई है मगर अब 20 हजार के करीब crm स्कीम के तहत मशीन उपलब्ध हो जाती है इसमें कई मशीन आ जाती है, जिसमें बेलदार, हैपीसिडर, सुपरसिडर,मार्चर इन मशीनों से धीरे-धीरे फर्क पड़ता गया अब आज तक करीब 1लाख 62 हजार किसानों को सब्सिडी पर मशीन उपलब्ध करवाई जा चुकी है, इस बार गांव की सोसाइटी और पंचायत को उनको बड़े बेलर भी दिए गए हैं डेढ़ करोड़ के करीब मशीनरी उपलब्ध करवाई गई है और इसी के कारण पराली जलाने के मामले में कमी है और अब एनजीटी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भी कहा है कि पंजाब में 90 से 95% तक पराली जलाने के मामले में कमी आई है.
उत्तर प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहचान दिलाने की दिशा में बड़ी पहल हुई है. फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय खाद्य प्रदर्शनी SIAL Paris 2026 में प्रदेश के उद्यमियों को विदेशी खरीदारों से जुड़ने और निवेश के नए अवसर तलाशने का मंच मिला है. बरेली की ग्रोवर फूड्स के आलू प्रसंस्कृत उत्पादों की यूरोपीय खरीदारों ने सराहना की है. कंपनी के अनुसार, 15 नए देशों के संभावित खरीदारों से संपर्क स्थापित हुआ है.
तमिलनाडु कावेरी किसान संघ ने शुक्रवार को राज्य सरकार से मांग की कि 'कुरुवई' (Kuruvai) फ़सल के नुकसान के लिए सूखा राहत भुगतान में तेज़ी लाई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि दिवाली से पहले यह राशि किसानों तक पहुंच जाए.
संगठन ने मंदिर की ज़मीन पर खेती करने वाले किसानों (काश्तकारों) को सुरक्षा देने के लिए भी एक नीतिगत फ़ैसला लेने की मांग की.
'कुरुवई' तमिलनाडु में धान की खेती का एक अल्पकालिक (कम समय वाला) सीज़न है, जो आमतौर पर जून से सितंबर तक चलता है.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे बंगाल की खाड़ी में बन रहे मौसमी सिस्टम के कारण होने वाली भारी बारिश के लिए तैयार रहें.
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तटीय आंध्र और रायलसीमा में होने वाली संभावित बारिश का इस्तेमाल जलाशयों और सिंचाई टैंकों को भरने के लिए किया जाए.
शुक्रवार देर रात जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में नायडू ने कहा, "बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवात के कारण भारी बारिश की संभावना है, इसलिए सतर्क रहें और जरूरी एहतियाती कदम उठाएं."
केरल सरकार ने जंगली जानवरों के हमलों से फसलों को हुए नुकसान के लिए किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे को दोगुना कर दिया है. 10 वर्षों में पहली बार इन दरों में बदलाव किया गया है.
शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुआवजे की दरों में पिछली बार 2015 में बदलाव किया गया था.
बयान में कहा गया है कि नए आदेश के तहत, मुआवजे की अधिकतम सीमा और किसानों द्वारा दायर किए जा सकने वाले आवेदनों की संख्या पर लगी पाबंदी को पूरी तरह से हटा दिया गया है.
बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसम का सिस्टम अगले कुछ दिनों में चक्रवाती तूफान बन सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक, 23 अक्टूबर की सुबह बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना था. इसके 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है. इसका असर ओडिशा, आंध्र प्रदेश और आसपास के राज्यों में दिख सकता है. 28 से 30 अक्टूबर के बीच कई इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चलने का खतरा है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि तूफान कहां से तट पर पहुंचेगा.
किसान कारवां 2.0 उत्तर प्रदेश के विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में किसानों तक पहुंच रहा है. इसी कड़ी में 24 अक्टूबर को झांसी में किसान महासभा का आयोजन हुआ, जिसमें बढ़-कर कर किसानों ने लिया हिस्सा...
भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत ने शुक्रवार को मांग की कि उत्तर प्रदेश सरकार गन्ने का भाव बढ़ाकर 600 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक करे, किसानों का बकाया भुगतान करे और धान की खरीद उचित मूल्य पर सुनिश्चित करे.
BKU के प्रवक्ता, जो 2020-21 के कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा थे, ने 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले किसानों की मांगों को मनवाने के लिए फिर से शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करने का आह्वान किया.
एक तरफ मूंगफली के अच्छे दाम किसानों के चेहरे पर मुस्कान ला रहे हैं, तो दूसरी तरफ कम पैदावार ने उनकी चिंता भी बढ़ा दी है. देशभर में मूंगफली उत्पादन के लिए पहचान रखने वाले जूनागढ़ के मार्केटिंग यार्ड में मूंगफली की बंपर आवक शुरू हो गई है. रोजाना करीब 20 हजार से लेकर 40 हजार बोरियां बिक्री के लिए पहुंच रही हैं.
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर आज संगरूर में किसानों ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के बाहर धरना दिया. किसानों ने चुनाव आयोग द्वारा करवाई जा रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे तुरंत रद्द करने की मांग की. इसके साथ ही किसानों ने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा, चुनाव प्रणाली में सुधार और चुनाव आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई.
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शुक्रवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से आग्रह किया कि वे 2026 के खरीफ सीजन के लिए फसल बीमा प्रीमियम का राज्य का बकाया हिस्सा-1,680 करोड़ रुपये तुरंत जारी करें. उन्होंने आरोप लगाया कि इस देरी के कारण किसानों को फसल के नुकसान का मुआवजा नहीं मिल पा रहा है.
शिवकुमार को लिखे एक पत्र में, जोशी ने कहा कि राज्य सरकार का हिस्सा लगभग डेढ़ महीने से वित्त विभाग के पास लंबित है, जबकि केंद्र सरकार प्रीमियम सब्सिडी के अपने हिस्से के रूप में पहले ही 1,342 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है.