
देशभर में इस समय मौसम का अलग-सा मिजाज देखने को मिल रहा है. उत्तर भारत में जहां मौसम शुष्क रहने और दिल्ली-NCR में आसमान साफ रहने का अनुमान है, वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है.यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
दिल्ली: केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, इंडिया गेट के आसपास वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 238 है, जिसे 'खराब' श्रेणी में रखा गया है.
लातूर जिला एडमिनिस्ट्रेशन ने ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत से निपटने के लिए 173 गांवों और बस्तियों में 256 कुओं और बोरवेल को एक्वायर (अधिग्रहण) किया है. अधिकारियों ने बताया कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि ग्रामीण इलाकों के निवासियों को बिना किसी रुकावट के पीने के पानी की सप्लाई मिल सके.
गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (BKU) 23 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पंचायत करेगी. इस पंचायत में बड़ी संख्या में किसानों के शामिल होने की संभावना है. BKU के जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में सैकड़ों किसान 22 अक्टूबर की शाम नौचंडी एक्सप्रेस से लखनऊ के लिए रवाना होंगे. किसानों की मांग है कि गन्ने का उचित दाम तय किया जाए और उनकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए.
NCP (SP) विधायक रोहित पवार ने बुधवार को महाराष्ट्र में सूखे के बीच संकटग्रस्त किसानों, खेतिहर मजदूरों और महिलाओं के लिए 85,000 करोड़ रुपये के वित्तीय राहत पैकेज की मांग की.
उन्होंने सरकार से अपील की कि वह बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और अनावश्यक खर्चों के बजाय ग्रामीण आजीविका को प्राथमिकता दे.
पवार ने महिलाओं पर माइक्रोफाइनेंस लोन के बढ़ते बोझ को कम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि जबरन वसूली के तरीकों के कारण कुछ कर्जदार आत्महत्या करने की कगार पर पहुंच गए हैं.
उन्होंने पत्रकारों से कहा, "सरकार को संकटग्रस्त किसानों, खेतिहर मजदूरों और महिलाओं के लिए 85,000 करोड़ रुपये का वित्तीय राहत पैकेज देना चाहिए. सरकार को बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और अनावश्यक खर्चों के बजाय ग्रामीण आजीविका को प्राथमिकता देनी चाहिए."