
देश के कई हिस्सों में सक्रिय मॉनसून के चलते कुछ दिनों से झमाझम बारिश देखने को मिल रही है. इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कहा है कि पश्चिम विदर्भ और दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन अब कमजोर होकर आगे बढ़ रहा है, लेकिन इसके असर से पश्चिम, मध्य और उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां तेज बनी रहेंगी. इसके साथ ही मॉनसून ट्रफ सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर बनी हुई है और अरब सागर से लेकर दक्षिण भारत तक ऑफ-शोर ट्रफ भी सक्रिय है. इन्हीं मौसम प्रणालियों के असर से 1 अगस्त को गुजरात, सौराष्ट्र-कच्छ, पूर्वी राजस्थान, हिमालयी राज्यों और कई अन्य इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. वहीं दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने का अनुमान है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
पठानकोट: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को कहा कि पिछले हफ़्ते 'मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना' के तहत 5 लाख और महिलाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिससे कुल रजिस्ट्रेशन की संख्या 73.5 लाख हो गई है. मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना के तहत, सामान्य श्रेणी की महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये मिलेंगे. शनिवार को राज्य सरकार ने इस योजना के तहत 35.5 लाख महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता ट्रांसफर की, जिससे लाभार्थियों की कुल संख्या 68.5 लाख हो गई. यहां आर्थिक सहायता वितरण समारोह के दौरान, मान ने कहा कि पंजाब भर की महिलाओं को इस योजना के तहत तीन महीने की किश्त के तौर पर एक साथ 3,000 रुपये और 4,500 रुपये मिल रहे हैं. (पीटीआई)
ईटानगर: भारतीय सेना की स्पीयर कॉर्प्स ने अरुणाचल प्रदेश के अपर सियांग जिले के सीमावर्ती शहर टुटिंग में कई शिक्षण संस्थानों के छात्रों को सोलर लैंप बांटे. यह काम दूर-दराज़ के सीमावर्ती इलाकों में लोगों तक पहुँचने की सेना की पहल के तहत किया गया. एक आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, इस इलाके में बिजली की अनियमित सप्लाई की लगातार समस्या को देखते हुए, स्पीयर हेड डिवीज़न के जवानों ने स्थानीय स्कूल प्रशासन के साथ मिलकर यह वितरण अभियान चलाया. इन सोलर लैंप को पाने वालों में सियांग वैली रेजिडेंशियल इंग्लिश मीडियम स्कूल, किंडरगार्टन प्राइमरी स्कूल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस स्कूल, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय टुटिंग, GTSS टुटिंग, हायर सेकेंडरी स्कूल टुटिंग और पेकोंग, निंगगुइंग, कुगिंग और नोरबुलिंग के सरकारी प्राइमरी स्कूलों के छात्र शामिल थे. (पीटीआई)
अहमदाबाद: अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को दक्षिण और मध्य गुजरात के कई इलाकों में ज़बरदस्त बारिश हुई. बाढ़ जैसे हालात के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया, जिसके बाद अधिकारियों ने प्रभावित ज़िलों खासकर सूरत और नवसारी से 27,000 लोगों को दूसरी जगह भेजा और 53 लोगों को बचाया. सूरत ज़िले के अंबिका तालुका में सुबह 6 बजे तक पिछले 24 घंटों में 611 मिमी बारिश दर्ज की गई. अलग-अलग ज़िलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए अधिकारियों ने पहले से ही तैयारी कर ली थी; उन्होंने स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए थे और प्रभावित इलाकों में NDRF, SDRF और सेना के जवानों को तैनात किया था. (पीटीआई)
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले से सरकारी अनाज की बर्बादी और प्रशासनिक लापरवाही की एक और हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है. जिले के बड़ागांव और लक्ष्मीपुर खरीदी केंद्रों में हजारों क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा-पड़ा बर्बाद हो रहा है. लगातार हुई बारिश और रखरखाव के अभाव में धान की बोरियां इस कदर सड़ चुकी हैं कि अब उनके अंदर से पौधे तक निकलने लगे हैं. सोशल मीडिया पर जब धान की बोरियों के ढेर से पौधे उगने के वीडियो वायरल हुए, तो प्रशासन में हड़कंप मच गया। पन्ना कलेक्टर ने बताया की इस मामले में तीन सदस्यीय जांच दल गठित कर दिया है और जांच के बाद कार्यवाही की जाएगी.
यूपी के संभल में सरकारी जमीनों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है. यहां हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के मिठौली गांव में प्रशासन ने 24 बीघा सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया. इस दौरान बुलडोजर चलाकर अस्थायी अतिक्रमण हटाया गया, जबकि स्थायी निर्माण हटाने के लिए कब्जाधारियों को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया है.
जालना में पिछले दो दिनों में हुई तेज बारिश के चलते शहर के राजूर चौफुली इलाके से गुजरने वाले जालना-अकोला राष्ट्रीय महामार्ग पर बड़े पैमाने पर बारिश का पानी जमा हो गया. सड़क पर पानी इतना ज्यादा जमा था कि यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी. सड़क पर जगह-जगह जलभराव होने से कुछ हिस्सों में सड़क ने तालाब का रूप ले लिया था. जलभराव के कारण वाहन चालकों को सड़क से गुजरते समय काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. खासकर दोपहिया वाहन चालकों को पानी से होकर गुजरना पड़ा, जिससे फिसलने और वाहन बंद पड़ने का भी खतरा बना रहा. वहीं, सड़क पर पानी जमा होने के कारण यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हुई. लगातार हुई बारिश के बाद राष्ट्रीय महामार्ग पर जलनिकासी व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. ऐसे में वाहन चालकों ने बारिश के दौरान सड़क पर जलभराव की समस्या को रोकने के लिए उचित इंतजाम करने की मांग की है.
गुजरात के बड़ौदा में मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है, जहां वाघोडिया स्थित सुमनदीप विद्यापीठ के लक्ष्मी हॉस्टल में देर रात अचानक बाढ़ का पानी घुस गया. मध्यरात्रि करीब 3 बजे वाघोडिया मामलतदार और पुलिस की टीम ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. त्वरित कार्रवाई करते हुए हॉस्टल से 100 छात्राओं, 40 छात्रों और 10 श्रमिकों समेत कुल 150 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया. ढाढर नदी में आई भयंकर बाढ़ की वजह से डभोई तालुका के डांगीवाड़ा, नारनपुर, वीरपुरा, बंबोज, प्रयागपुरा, कबीरपुरा, मगनपुरा और सुवालजा समेत 7 से अधिक गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं.
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुक्रवार को राज्य भर में पीने के पानी की बिना रुकावट सप्लाई और ज़रूरी खेती-बाड़ी के कामों में मदद के लिए 340 करोड़ रुपये मंज़ूर किए.
यह आदेश सचिवालय में उनकी अध्यक्षता में हुई एक विस्तृत समीक्षा बैठक के बाद जारी किया गया.
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बैठक में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की बारिश, ज़िलों में पीने के पानी के वितरण और खेती-बाड़ी की स्थिति का जायज़ा लिया गया.
बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने कई अहम मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा की, जिनमें बांधों में पानी के भंडारण का स्तर और रिज़र्व, तमिलनाडु में अब तक हुई दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की बारिश, कम बारिश वाले ज़िलों में ज़मीनी हालात और शहरी व ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी का वितरण शामिल है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली-NCR के कई इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया है. IMD के अनुसार, शनिवार को आसमान में आमतौर पर बादल छाए रहेंगे. सुबह से दोपहर के बीच कई जगहों पर हल्की बारिश के एक-दो दौर देखने को मिल सकते हैं.
गुजरात में मॉनसून का कहर जारी है, खेडा जिले के वसो मे 16 धंटे में 13 इंच से ज्यादा की मूसलाधार बारिश ने पूरे तंत्र की पोल खोलकर रख दी है. वसो का मुख्य बाजार हो या रिहाइशी इलाके, हर तरफ बस पानी ही पानी नजर आ रहा है. पानी लोगों के घरों और दुकानों के भीतर तक घुस चुका है.
खेड़ा का वसो इलाका इस वक्त पानी-पानी हो चुका है. गगनगामी बादलों ने ऐसी तबाही मचाई कि पिछले 16 धंटे मे 13 इच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई. बारिश का पानी रुकने का नाम नहीं ले रहा और वसो के निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है. वसो के मुख्य बाजार इंदिरा नगर, कन्या शाला परिसर, पांच हाटड़ी ये तमाम इलाके इस वक्त पूरी तरह जलमग्न हैं.
आधा मॉनसून बीतने के साथ ही अमरावती जिले में शुक्रवार को मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई. जिले के पांच तहसीलों समेत 39 राजस्व मंडलों में अतिवृष्टि दर्ज की गई. जिले में एक ही दिन में औसतन 75.8 मिलीमीटर बारिश हुई. सबसे ज्यादा असर नांदगांव खंडेश्वर तहसील में दिखाई दिया, जहां कई मंडलों में 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई.
भारी बारिश के कारण बेंबला और साखली नदियों के साथ ही छोटे-बड़े नाले उफान पर आ गए. कई गांवों का संपर्क टूट गया. बाढ़ के पानी में बहने से दो लोगों की मौत हुई है. वहीं बाढ़ में फंसे नांदगांव खंडेश्वर के नौ और चांदूर रेलवे तहसील के सात लोगों को जिला आपदा खोज और बचाव दल (DDRF) ने सुरक्षित बाहर निकाला.
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार गुजरात के महीसागर जिले में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है. जिले के कुल 8 तहसीलों में से 6 तहसीलों में भारी बारिश होने से निचले इलाकों में पानी भर गया है. लूनावाड़ा शहर में भारी बारिश के नेशनल हाईवे जलमग्न हुआ.
असम से लेकर कश्मीर तक बाढ़-बारिश से भारी तबाही हुई है. गुजरात में भी कई इलाके जलमग्न हैं. जल प्रलय का सबसे ज्यादा असर असम में दिख रहा है, जहां अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है.
असम के पांच जिलों- शिवसागर, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव और चराइदेव में करीब दो लाख लोग बाढ़ की वजह से मुश्किलें झेल रहे हैं
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, शुक्रवार को बाढ़ की वजह से दो और लोगों की जान गंवानी पड़ी. राहत की बात यह है कि कुदरती आपदा में फिलहाल कोई व्यक्ति लापता नहीं है.
इधर, कश्मीर घाटी में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच ऊपरी इलाकों में बादल फटने (क्लाउडबर्स्ट) की घटनाएं हुई हैं. दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले के कई गांव अचानक आई बाढ़ की चपेट में आ गए.
अगस्त महीने की शुरुआत बड़ी राहत के साथ हुई. सुबह-सुबह एलपीजी सिलेंडर सस्ता हो गया है. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बड़ी कटौती की है. कोलकाता में इसकी कीमत 209 रुपये कम हो गई है, तो वहीं राजधानी दिल्ली में 19 Kg Commercial LPG Cylinder 202 रुपये सस्ता हुआ है. एलपीजी की नई कीमतें 1 अगस्त 2026 से लागू कर दी गई हैं. हालांकि, 14 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में इस बार भी किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है.
ताजा कटौती के बाद अब दिल्ली में 19 किलो के LPG सिलेंडर की कीमत 2728 रुपये रह गई है. तो वहीं कोलकाता में इसका दाम 2872.50 रुपये हो गया.