
मॉनसून की वापसी के बीच देश के कई हिस्सों में अभी बारिश का दौर जारी है. उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अगले कुछ घंटे मौसम के लिहाज से अहम रहने वाले हैं, जहां भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि म्यांमार के तट के पास नया लो प्रेशर एरिया बन गया है, जो आगे बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ेगा. IMD के मुताबिक 28 सितंबर से उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर, मध्य भारत और दक्षिणी राज्यों तक कई जगह बारिश और गरज-चमक का सिलसिला बना रहेगा. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य में किसानों को उर्वरक की सुचारू और समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने उर्वरक कंपनियों और कृषि विभाग के अधिकारियों से कंपनी स्तर से रिटेलर प्वाइंट तक निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा. मंत्री ने कहा कि FOR व्यवस्था के तहत कंपनियां निर्धारित थोक विक्रेता और रिटेलर प्वाइंट तक समय पर उर्वरक पहुंचाएं. जिला कृषि पदाधिकारियों को नियमित निगरानी और जांच करने के निर्देश दिए गए हैं. आपूर्ति व्यवस्था में कमी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है.
नई दिल्ली: केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में आने वाली सर्दियों में प्रदूषण से निपटने के लिए कई उपाय तय कर लिए गए हैं. इनमें ऑफिस के समय में बदलाव, गाड़ियों और इंडस्ट्री से निकलने वाले धुएं पर रोक और धूल उड़ाने वाले कंस्ट्रक्शन और तोड़-फोड़ के कामों पर पाबंदी शामिल है. यह जानकारी सोमवार को केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में दी गई. इस बैठक में दिल्ली में वायु प्रदूषण कम करने के एक्शन प्लान की समीक्षा की गई.
बैठक में मुख्यमंत्री और दिल्ली के अन्य मंत्री शामिल हुए. केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, "खास एक्शन पॉइंट्स वाली इस रणनीति के तहत गाड़ियों से निकलने वाले धुएं, सड़क और कंस्ट्रक्शन की धूल, कचरा और बायोमास जलाने, इंडस्ट्री से निकलने वाले धुएं, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, हरियाली बढ़ाने और प्रदूषण व ट्रैफिक के हॉटस्पॉट पर कार्रवाई तेज की जाएगी."
इस प्लान के तहत, जन-प्रतिनिधि अधिकारियों, RWA, व्यापारियों और ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर दिल्ली के ट्रैफिक हॉटस्पॉट का नियमित दौरा करेंगे. अब तक 42 हॉटस्पॉट ठीक किए जा चुके हैं और अक्टूबर में आठ और हॉटस्पॉट पर काम करने का लक्ष्य है. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस से सलाह-मशविरा करके हॉटस्पॉट पर वन-वे ट्रैफिक और भीड़ कम करने के ट्रायल किए जाएंगे. (पीटीआई)
नई दिल्ली: देश भर में बिजली की पीक डिमांड कम होने लगी है, क्योंकि उत्तरी इलाके में पिछले कुछ दिनों में लगातार बारिश के कारण औसत तापमान सामान्य से नीचे आ गया है. हालांकि, जानकारों ने देश के थर्मल पावर प्लांट में कोयले के स्टॉक की गंभीर स्थिति को लेकर चिंता जताई है. सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (CEA) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 27 सितंबर तक, कुल 224.52 GW क्षमता वाले 190 प्लांट में से 82 प्लांट में कोयले के स्टॉक की स्थिति गंभीर है. (पीटीआई)
नई दिल्ली: RSS से जुड़ी संस्था भारतीय किसान संघ (BKS) 30 सितंबर को यहां अपना पहला महिला सम्मेलन आयोजित करेगी. एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने सोमवार को बताया कि इस सम्मेलन का मकसद कृषि नीति बनाने में महिला किसानों की ज़्यादा भागीदारी सुनिश्चित करना और खेती, पशुपालन व मछली पालन में उनके योगदान को उजागर करना है. BKS के राष्ट्रीय महासचिव मोहिनी मोहन मिश्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 'अखिल भारतीय महिला किसान-मज़दूर सम्मेलन' इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा और इसमें देश भर से लगभग 7,000 महिला किसान और पदाधिकारी शामिल होंगी. (पीटीआई)
मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने सोमवार को कहा कि मिजोरम में रेशम उत्पादन करने वाले एक बड़े राज्य के तौर पर उभरने की क्षमता है. उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था के एक अहम सेक्टर के रूप में रेशम पालन (सेरीकल्चर) को विकसित करने के लिए मिलकर कोशिशें करने का आह्वान किया.
एक सरकारी बयान के अनुसार, यहां रेशम पालन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए लालदुहोमा ने कहा कि सरकार 'विकसित मिजोरम 2047' के अपने विजन के तहत इस सेक्टर को विकसित करने की हर संभव कोशिश कर रही है. उन्होंने बताया कि राज्य भर में पहले से ही हजारों किसान रेशम पालन के काम में लगे हुए हैं.
हरदोई (UP): (28 सितंबर) उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति ने बारिश के हिंदू देवता भगवान इंद्र के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. उसने लगातार हो रही बारिश के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया है और अधिकारियों से कहा है कि वे बारिश को नियंत्रित करने के लिए अपने "दैवीय संपर्कों" का इस्तेमाल करें.
हरदोई जिले के मल्लावां ब्लॉक के नेवड्डा पारस गांव के रहने वाले सूरज तिवारी ने, जहां पिछले कुछ दिनों से भारी बारिश हो रही है, राज्य के जन शिकायत पोर्टल के माध्यम से यह अनोखी शिकायत दर्ज कराई. उन्होंने शिकायत की कि "इंद्रदेव" जिले में कई घंटों से बहुत ज़्यादा बारिश करवा रहे हैं.
तिवारी ने 26 सितंबर को प्रशासन को दी अपनी शिकायत में कहा, "कभी तेज़ तो कभी धीमी बारिश से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. इंद्रदेव बिना किसी पूर्व सूचना के लगातार बारिश करवा रहे हैं, जिससे आम जनता को बेवजह परेशानी हो रही है."
दिल्ली-एनसीआर में बदला मौसम फिलहाल कल तक ही रहने की संभावना है. इसके बाद तापमान में दोबारा बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. मौसम में यह अचानक बदलाव बंगाल की खाड़ी से उठे डीप डिप्रेशन/डीप प्रेशर के उत्तर प्रदेश की तरफ बढ़ने के असर से पिछले दो-तीन दिनों में देखने को मिला है. इसके साथ ही पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी का असर भी मैदानी इलाकों के मौसम पर देखने को मिला है. वहां एक Western Disturbance सक्रिय था, हालांकि आने वाले दिनों में फिलहाल कोई नया Western Disturbance नहीं है, इसलिए पहाड़ी राज्यों में भी मौसम में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल सकता है. अगर मॉनसून की बात करें तो देश के कुछ हिस्सों में अभी भी मॉनसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं और इसी वजह से अलग-अलग इलाकों में बारिश का दौर जारी है. वहीं, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर से मॉनसून की विदाई हो चुकी है, जबकि कुछ अन्य राज्यों से मॉनसून की वापसी की प्रक्रिया जारी है. यानी दिल्ली में अभी जो ठंडक और बारिश का दौर देखने को मिल रहा है इसे स्थायी तौर पर ठंड की शुरुआत नहीं माना जा सकता. अगले कुछ दिनों में तापमान फिर बढ़ सकता है और उसके बाद मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है.
हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश में बागवानी को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से 'बागवानी फसलों की खेती के लिए अनुदान प्रावधान' योजना लागू की गई है.
उद्यान विभाग हरियाणा के एक प्रवक्ता ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सरकार राज्य के किसानों को फल, सब्जी, फूल, मसाले और खुशबूदार पौधों की खेती करने पर भारी सब्सिडी प्रदान कर रही है. इस योजना के तहत आवेदन और अनुदान की सीमा भी निर्धारित की गई है, जिसके अनुसार फलों के नए बाग लगाने और मसालों की खेती पर अधिकतम 5 एकड़ तक का लाभ लिया जा सकता है. वहीं सब्जियों की खेती के लिए सामान्य वर्ग के किसान अधिकतम 5 एकड़ और अनुसूचित वर्ग के किसान 1 एकड़ तक का लाभ ले सकते हैं, जबकि फूलों और खुशबूदार पौधों की खेती पर यह सीमा 5 एकड़ तक तय की गई है.
रबी अभियान 2026 का केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया शुभारंभ: केंद्र-राज्य मिलकर बनाएंगे जलवायु-अनुकूल कृषि रोडमैप
महाराष्ट्र-कर्नाटक में सूखे का संकट: केंद्र की टीम करेगी जमीनी आकलन, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे दौरा
राज्य अपना जल बजट बढ़ाने पर करें विचार : पानी की उपलब्धता देखकर फसल योजना, सिंचाई प्रबंधन पर शिवराज सिंह का खास जोर
दलहन-तिलहन में आत्मनिर्भरता: चना, मसूर, सरसों को रबी का नया केंद्रबिंदु बनाने का शिवराज सिंह ने किया आह्वान
बीज से बाजार तक: समय पर बीज, खाद और खरीद की ठोस व्यवस्था करें सभी राज्य- शिवराज सिंह
‘खेत बचाओ’ रबी में भी चलाएं: संतुलित उर्वरक उपयोग से लागत घटे, मिट्टी स्वस्थ रहे- शिवराज सिंह
किसान क्रेडिट और फार्मर आईडी: वित्तीय समावेशन और डिजिटल बुनियाद को प्राथमिकता- शिवराज सिंह
हर सप्ताह समीक्षा: फसल, रोग और भाव पर रियल-टाइम निगरानी के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने दिए दिशा-निर्देश
मुजफ्फरपुर: नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर अब बिहार के मैदानी इलाकों में दिखने लगा है. बागमती समेत कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से मुजफ्फरपुर में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. जिले के कटरा प्रखंड की बसघट्टा और बर्री पंचायत के कई गांव बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं. स्थानीय स्तर पर 250 से अधिक परिवारों के प्रभावित होने की बात कही जा रही है.
जिला आपदा केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक, बागमती नदी कटौझा और बेनीबाद में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. कटौझा में नदी का जलस्तर 56.80 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान 55.00 मीटर से 1.80 मीटर ऊपर है. वहीं, गायघाट के बेनीबाद में जलस्तर 49.72 मीटर है, जो खतरे के निशान 48.68 मीटर से 1.04 मीटर अधिक है. हालांकि, दोनों जगहों पर जलस्तर फिलहाल स्थिर बताया गया है.
बाढ़ में फंसे कर्मचारियों का हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू
फसल का सर्वे करने गए थे, बाढ़ में फंसे कर्मचारी... 5 दिन बाद हेलीकॉप्टर से सुरक्षित निकाले गए.
बीजापुर - लगातार बारिश से इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ गया और वापसी का रास्ता बंद हो गया. फसल का सर्वे के लिए गए पटवारी विजयेंद्र पाल शाह, हरिशंकर यालम और RI अनिल भास्कर करीब 5 दिनों तक बाढ़ के बीच फंसे रहे.
बताया जा रहा है कि इस दौरान तीनों ने करीब 80 किलोमीटर पैदल चलकर सर्वे का काम किया, हालात बिगड़ने के बाद तीनों को हेलीकॉप्टर के जरिए सुरक्षित एयरलिफ्ट कर बाहर निकाला गया.
रेस्क्यू के बाद तीनों को जिला अस्पताल ले जाकर स्वास्थ्य जांच कराई गई.
जालना, 28 सितंबर (PTI) मराठवाड़ा में सूखे की वजह से मवेशियों के चारे की कमी और बढ़ गई है. इसे देखते हुए BJP विधायक बबनराव लोणीकर ने महाराष्ट्र सरकार से मांग की है कि वे इस इलाके में उगाए गए गन्ने को सीधे खरीदें और उसे चीनी मिलों में पेराई के लिए भेजने के बजाय मवेशियों के चारे के तौर पर इस्तेमाल करें.
लोणीकर ने राजस्व मंत्री चंद्रकांत बावनकुले को एक पत्र लिखा. बावनकुले सूखे से निपटने के लिए बनी राज्य कैबिनेट की उप-समिति के अध्यक्ष भी हैं. लोणीकर ने कहा कि इस कदम से उन किसानों को तुरंत राहत मिल सकती है जो पानी और चारे के मौजूदा संकट के बीच अपने मवेशियों को खिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
उन्होंने चारे के लिए कैंप लगाने, खेती के कामों के लिए दिन में 8 से 10 घंटे बिना रुकावट बिजली देने और पीने के पानी की ज़रूरत को प्राथमिकता देते हुए सिर्फ़ चारे की खेती के लिए बांधों के पानी के नियंत्रित इस्तेमाल की इजाज़त देने की भी मांग की.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि वह सूखे से राहत, कस्तूरीरंगन रिपोर्ट और दूसरे मुद्दों पर केंद्र से बातचीत करने के लिए दिल्ली जाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अगर विपक्ष सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल नहीं होता है, तो भी वह किसानों के हितों की रक्षा के लिए जो कुछ भी ज़रूरी होगा, वह करेंगे.
अपनी दिल्ली यात्रा के बारे में पत्रकारों से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा कि सूखे से राहत और कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर चर्चा होगी, साथ ही वह कई केंद्रीय मंत्रियों से भी मिलेंगे और शिक्षा और चुनावी मुद्दों पर पार्टी की बैठकों में शामिल होंगे.
उन्होंने कहा, "मैंने अभी सर्वदलीय सदस्यों की बैठक तय की है; हमें कस्तूरीरंगन और सूखे पर चर्चा करनी है, इसलिए मैं एक तारीख तय करना चाहता हूं, और साथ ही मैं कुछ केंद्रीय मंत्रियों से भी मिल रहा हूं, और मेरी पार्टी की बैठकें भी हैं - एक शिक्षा पर और एक CEC के साथ वोट के मुद्दे पर। तो हम चर्चा कर रहे हैं, और मैं उस मुद्दे पर वापस आऊंगा."
सीएम के आदेश के बाद अधिकारी बारिश प्रभावित इलाके में पहुंचे
सीएम योगी के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारी बारिश प्रभावित इलाकों में पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं
बीते 3 दिनों में भारी बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और मुआवजे की प्रक्रिया तेज की गई है
बारिश से हुई जनहानि, पशुहानि, फसल हानि और आर्थिक नुकसान का आकलन कराया जा रहा है
बारिश में हुई 56 जनहानियों में मृतकों के परिजनों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा दिया गया
बारिश से क्षतिग्रस्त 1,021 घरों का प्रशासन की ओर से आकलन कराया जा रहा है
प्रभावित परिवारों को क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मुआवजा उपलब्ध कराया जा रहा है
किसानों की बर्बाद फसलों का आकलन शुरू कर दिया गया है
फसल नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद एक सप्ताह के भीतर मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं
सीएम के निर्देश पर प्रशासन प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत पहुंचाने में जुटा है
कोलकाता, 27 सितंबर (PTI) वन मंत्री मनोज ओरांव ने बताया कि रविवार को पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर ज़िले के सालबोनी में बिजली के तार के संपर्क में आने से तीन हाथियों की मौत हो गई.
उन्होंने बताया कि पीराकाटा वन क्षेत्र में बिजली के तार के संपर्क में आते ही तीनों हाथियों - दो वयस्क और एक बच्चा - की तुरंत मौत हो गई.
उन्होंने कहा कि वन विभाग ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है.
इन मौतों ने वन्यजीवों के आने-जाने के रास्तों (कॉरिडोर) की सुरक्षा और वन क्षेत्रों में खुले या अवैध बिजली कनेक्शन के इस्तेमाल को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
मंत्री ने कहा, "यह एक दुखद घटना है. हमने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध बिजली कनेक्शन या गतिविधि की तुरंत सूचना दें, जिससे वन्यजीवों को खतरा हो सकता है." उन्होंने कहा कि लोगों में जागरूकता बढ़ाने का अभियान जारी रहेगा.
उन्होंने कहा कि हाथी अक्सर भोजन और पानी की तलाश में वन क्षेत्रों और पारंपरिक रास्तों से गुज़रते हैं. ऐसे में बिजली के तारों के संपर्क में आने से रोकने के उपाय करना वन्यजीवों और इंसानों, दोनों की सुरक्षा के लिए ज़रूरी है.
वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने संकेत दिया कि धान की फ़सल को नुकसान पहुंचाने वाले हाथियों को रोकने के लिए स्थानीय लोगों के एक समूह ने शायद बिजली के तारों की बाड़ लगाई होगी.
केदारनाथ धाम की पैदल यात्रा पर मौसम एक बार फिर भारी पड़ रहा है. गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर चिरबासा डेंजर जोन एक बार फिर सक्रिय हो गया है. यहां कल से लगातार पहाड़ी से बोल्डर गिरने के कारण यात्रा प्रभावित हुई है. सुरक्षा को देखते हुए आज भी केदारनाथ धाम जाने वाले यात्रियों को मार्ग में विभिन्न स्थानों पर रोक दिया गया है. चिरबासा क्षेत्र में बोल्डर की चपेट में आने से एक पांच वर्षीय बच्चे की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि बच्चा उत्तर प्रदेश के एटा जिले से अपने माता-पिता के साथ केदारनाथ धाम की यात्रा पर आया था. हादसे के बाद यात्रा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था और सतर्क कर दी गई है.
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बाढ़ प्रभावित लोगों को सभी ज़रूरी मदद पहुंचाना सुनिश्चित करें. उन्होंने हवाई सर्वेक्षण किया और बारिश से प्रभावित इलाकों का दौरा भी किया.
अधिकारियों ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) के कारण राज्य के कई हिस्सों में बहुत भारी बारिश हुई, जिससे दक्षिणी, तटीय और पश्चिमी ओडिशा के 13 ज़िलों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति पैदा हो गई.
उन्होंने बताया कि महानदी में हल्की बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है, जिससे डेल्टा वाले पांच ज़िलों में पानी भर सकता है.
भारी बारिश से गंजाम, गजपति, मलकानगिरी, कोरापुट और नबरंगपुर जैसे ज़िले प्रभावित हुए, जबकि नदियों का जलस्तर बढ़ने से उत्तरी ओडिशा के बालासोर, भद्रक, जाजपुर और मयूरभंज के कुछ हिस्से भी जलमग्न हो गए.
UP के महोबा जिले में 48 घंटे हुई के बाद अब जलभराव से हादसे सामने आ रहे है. पिछले 24 घंटों के भीतर बारिश और मकान गिरने से 2 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों कच्चे मकान ताश के पत्तों की तरह ढह गए. जैतपुर का बेला सागर तालाब उफान पर है और जैतपुर के सरकारी दफ्तरों से लेकर घरों तक पानी घुस चुका है. दुनई नदी के उफान से दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया है.
बिजनौर में पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही बारिश अब ग्रामीण इलाकों में कहर बरपाने लगी है. मंडावली थाना क्षेत्र के रामदासवाली गांव में बारिश के बीच एक किसान के घर की छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिस समय छत गिरी, उसके नीचे किसान के पशु बंधे हुए थे. हालांकि, गनीमत रही कि किसान ने समय रहते सभी पशुओं को वहां से बाहर निकाल लिया था, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया.
नागौर जिले में शनिवार शाम अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. तेज आंधी और बारिश के साथ अलाय गांव में जबरदस्त ओलावृष्टि हुई. देखते ही देखते खेतों में ओलों की मोटी सफेद परत जम गई और खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं. वहीं रविवार सुबह से नागौर, मुंडवा, अलाय और कुचेरा में रिमझिम बारिश का दौर जारी है. ओलावृष्टि के बाद किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका सताने लगी है.
देश के कई हिस्सों में सितंबर के जाते-जाते मौसम फिर करवट ले रहा है. कहीं तेज बारिश हो रही है तो कहीं गरज-चमक और तेज हवाओं ने चिंता बढ़ा दी है. पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है. मौसम विभाग (IMD) ने 28 सितंबर को भी कई राज्यों में बारिश, आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है.