
आंध्र प्रदेश में गंभीर चक्रवाती तूफान 'मुरासु' का असर देखने को मिल रहा है. विजयवाड़ा, मछलीपट्टनम और गुंटूर समेत कई शहरों में लगातार बारिश के कारण सड़कें पानी में डूब गई हैं. कई प्रमुख मार्गों पर जलभराव होने से यातायात प्रभावित हुआ है. मौसम विभाग ने दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश के लिए भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. वहीं, मछुआरों को 4 नवंबर की सुबह तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है. यहां मौसम की खबरों के लाइव अपडेट्स के अलावा आप किसान (Farmers), खेती (Agriculture), PM Kisan Samman Nidhi Scheme, किसान आंदोलन (Farmers Protest), पशुपालन, (Animal Husbandry), कृषि तकनीक (Agriculture Technology), खाद (Fertilizer), बीज (Seeds), सरकारी योजनाएं (Government Schemes), फसलें (Crops) और किसानों की सफलता की कहानी (Farmer success story) पढ़ सकते हैं.
नई दिल्ली, 4 नवंबर (PTI) - केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, बुधवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता एक बार फिर 'बहुत खराब' (very poor) श्रेणी में रही, जिसका वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 379 दर्ज किया गया.
पंजाबी बाग में सबसे खराब वायु गुणवत्ता (AQI 458) दर्ज की गई, जो 'गंभीर' (severe) श्रेणी में आती है.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि राज्य सरकार ने इस साल की शुरुआत में शिवसागर और चराइदेव जिलों में आई विनाशकारी बाढ़ के सही कारणों का पता लगाने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखकर CBI जांच की मांग करने का फैसला किया है.
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने ऐसे किसी भी सरकारी कर्मचारी को नौकरी से बर्खास्त करने का निर्णय लिया है जो बहुविवाह (एक से अधिक पत्नियां रखने) में शामिल पाया जाता है, चाहे उसका धर्म कुछ भी हो.
यहां कैबिनेट बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा, "राज्य कैबिनेट ने शिवसागर और चराइदेव जिलों में आई बाढ़ के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए CBI जांच की मांग करने का फैसला किया है."
उन्होंने कहा कि सरकार अगले 10 दिनों के भीतर केंद्र को पत्र भेजेगी, लेकिन जांच सौंपने का अंतिम फैसला केंद्र सरकार पर निर्भर करेगा.
पंजाब में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार और प्रशासन की ओर से किए जा रहे प्रयासों के बावजूद खेतों में आग लगाने का सिलसिला जारी है. पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (PPCB) की 3 नवंबर 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में अब तक पराली जलाने की कुल 2,196 घटनाएं दर्ज की गई हैं. इन घटनाओं के संबंध में 636 मामलों में पर्यावरणीय मुआवजा (EC) लगाया गया है. विभाग की ओर से कुल 32 लाख 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जिसमें से 20 लाख 60 हजार रुपये की वसूली हो चुकी है.
अर्नब तूफान का असर अभी पूरी तरह थमा भी नहीं है कि अब मौसम विभाग की ओर से मुरासु तूफान को लेकर चेतावनी ने बस्तर संभाग के लोगों की चिंता बढ़ा दी है. सुकमा जिले में मंगलवार सुबह से ही बारिश का दौर जारी है. आसमान में सुबह से बादलों का पहरा बना हुआ है. मौसम में आए इस बदलाव के बाद जिले में एक बार फिर भारी बारिश की आशंका जताई जा रही है.
मौसम संबंधी चेतावनी के अनुसार 3 से 4 नवंबर के बीच बस्तर संभाग के कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है. इसमें सुकमा, बस्तर, बीजापुर और दंतेवाड़ा सहित आसपास के इलाके शामिल हैं. इस दौरान गरज-चमक के साथ तेज बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई गई है. मौसम के इस बदले मिजाज को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.
दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण को कम करने के लिए कई सख्त कदम उठाए जा रहे हैं. इसी कड़ी में गुरुग्राम में भी बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए जिला प्रसासन ने 5 नवंबर से 20 नवंबर तक कई सख्त कदम उठाने का फैसला किया है. इस दौरान गुरुग्राम में निर्माण कार्य और तोड़फोड़ पर रोक रहेगी.