हम सब जानते हैं कि बहुत सारे देशों में भारत से हलाल सर्टिफिकेट पर मीट एक्सपोर्ट किया जाता है, लेकिन कुछ ऐसे भी देश हैं जो दूध भी अपनी शर्तों पर यानि हलाल सर्टिफिकेट देखकर ही खरीदते हैं. हालांकि सुनने में बड़ा अजीब लगता है कि दूध में क्या हलाल और क्या हराम. आपको बता दें कि दूध को भी हलाल सर्टिफिकेट दिया जाता है. दूध देने वाली संस्था की एक टीम पहले पूरी तरह से अपने मानकों पर उस डेयरी प्लांट का मुआयना करती है जिसे सर्टिफिकेट दिया जाना है. फिर दूध देने वाले पशु से लेकर दूध स्टोर करने और ट्रांसपोर्ट करने की पूरी प्रक्रिया जानी जाती है. वहीं दूध सप्ला्ई करने वाली डेयरी को हर साल हलाल सर्टिफिकेट को रिन्यू भी कराना होता है.