
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य कारोबारियों को खोया, पनीर, मीट और मछली जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों के भंडारण और परिवहन में निर्धारित तापमान बनाए रखने का निर्देश दिया है. नियामक ने साफ किया है कि खाद्य पदार्थों की खरीद से लेकर उपभोक्ता तक डिलीवरी होने तक पूरी सप्लाई चेन में स्वच्छता और तापमान संबंधी मानकों का पालन करना जरूरी है. नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.
FSSAI ने रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया कि उसने जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों की सुरक्षित हैंडलिंग, भंडारण और परिवहन को लेकर एडवाइजरी जारी की है. प्राधिकरण के मुताबिक, उसके संज्ञान में आया है कि खोया, पनीर, मीट और मछली जैसे खाद्य पदार्थों को कई बार उचित तापमान पर नहीं रखा जाता और न ही उनके परिवहन में जरूरी सावधानियां बरती जाती हैं.
खाद्य नियामक ने चेताया है कि इन उत्पादों को निर्धारित तापमान पर नहीं रखने से उनमें सूक्ष्मजीवों की वृद्धि और खराब होने का खतरा बढ़ जाता है. इससे खाद्य सुरक्षा प्रभावित हो सकती है और लोगों की सेहत को नुकसान पहुंच सकता है. FSSAI ने कहा है कि तापमान संबंधी मानकों का उल्लंघन स्वच्छता और सैनिटेशन से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने के दायरे में आता है.
FSSAI ने खाद्य पदार्थों के निर्माण, पैकिंग, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री से जुड़े सभी कारोबारियों को नियमों का सख्ती से पालन करने को कहा है. प्राधिकरण के निर्देश के मुताबिक, खाद्य उत्पादों को केवल साफ, ढके हुए और स्वच्छ वाहनों में ही ले जाना चाहिए. वाहन खाद्य पदार्थों के परिवहन के अनुकूल होने चाहिए और पूरी ढुलाई के दौरान निर्धारित तापमान बनाए रखना जरूरी है.
खाद्य कारोबारियों को खाद्य-ग्रेड पैकेजिंग और उपयुक्त बाहरी पैकेजिंग सामग्री का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है. भंडारण, लोडिंग, अनलोडिंग और परिवहन के दौरान उत्पादों को धूल, नमी, कीटों, भौतिक नुकसान और दूसरे खाद्य पदार्थों से होने वाले संदूषण से बचाना होगा. इसके साथ ही कारोबारियों को खेप से जुड़े रिकॉर्ड और उसकी ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित करनी होगी. जरूरत पड़ने पर चालान और अन्य संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे.
FSSAI ने राज्यों के खाद्य सुरक्षा आयुक्तों, भारतीय रेलवे और प्राधिकरण के क्षेत्रीय निदेशकों को संबंधित लाइसेंसिंग अधिकारियों और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश देने के लिए कहा है. अधिकारियों को निरीक्षण और परिवहन जांच के दौरान सतर्कता बरतनी होगी, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके. नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित खाद्य पदार्थों को जब्त करने और नष्ट करने समेत उचित कार्रवाई की जा सकती है.
FSSAI ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य कारोबार का लाइसेंस और पंजीकरण) विनियम, 2011 की अनुसूची-4 का भी जिक्र किया है. इसके तहत खाद्य कारोबारियों को निर्धारित स्वच्छता और सैनिटेशन संबंधी जरूरतों का पालन करना होता है. प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि लाइसेंस की शर्तों के अनुसार खाद्य पदार्थों की सोर्सिंग से लेकर अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचने की प्रक्रिया में तय तापमान बनाए रखना कारोबारियों की जिम्मेदारी है. (पीटीआई)