
संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था इस साल 6.4% की दर से बढ़ेगी और 2027 में यह 6.6% तक पहुंच सकती है. यह रिपोर्ट UN के एशिया और प्रशांत क्षेत्र (Asia and the Pacific Region) के आर्थिक सर्वे में सामने आई है. इससे साफ है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है.
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में भारत की विकास दर 7.4% रही. इसका सबसे बड़ा कारण ग्रामीण इलाकों में बढ़ती खपत और सेवा क्षेत्र (Service Sector) की मजबूती रही. इसके अलावा जीएसटी दरों में कमी और अमेरिका के टैरिफ से पहले बढ़ा निर्यात भी इस वृद्धि में मददगार रहा. सेवाक्षेत्र (Service Sector) अभी भी भारत की अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बना हुआ है.
हालांकि, 2025 के दूसरे हिस्से में भारत की आर्थिक गतिविधियों में थोड़ी कमी देखने को मिली. इसकी वजह अमेरिका द्वारा लगाए गए भारी टैरिफ थे, जिससे भारत का निर्यात करीब 25% तक घट गया. इससे अर्थव्यवस्था की रफ्तार कुछ धीमी पड़ी, लेकिन कुल मिलाकर स्थिति संतुलित रही.
रिपोर्ट में बताया गया है कि इस साल महंगाई दर करीब 4.4% रहने का अनुमान है, जो अगले साल 4.3% हो सकती है. वहीं, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में विदेशी निवेश (FDI) में थोड़ी गिरावट आई है. 2025 में निवेश में 2% की कमी देखी गई, हालांकि वैश्विक स्तर पर निवेश बढ़ा है. इसके बावजूद भारत अब भी बड़े निवेश आकर्षित करने वाले देशों में शामिल है.
भारत को विदेशों से आने वाली रकम (रेमिटेंस) से भी काफी फायदा हो रहा है. 2024 में भारत को 137 अरब डॉलर की रेमिटेंस मिली, जिससे कई परिवारों की जरूरतें पूरी होती हैं. लेकिन 2026 से अमेरिका द्वारा 1% टैक्स लगाए जाने के कारण इसमें कुछ कमी आने की आशंका है.
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दुनिया भर में ग्रीन जॉब्स तेजी से बढ़ रही हैं. भारत में भी इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं. सरकार की नीतियां, जैसे प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना, सोलर, बैटरी और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा दे रही हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, अगर सरकार सही नीतियों और निवेश पर ध्यान देती है, तो भारत में नए उद्योग तेजी से विकसित हो सकते हैं. स्वच्छ ऊर्जा और नई तकनीक के क्षेत्र में निवेश से न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था भी और मजबूत होगी.
कुल मिलाकर, UN की यह रिपोर्ट भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत देती है. चुनौतियों के बावजूद भारत लगातार आगे बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में भी मजबूत विकास की उम्मीद बनी हुई है.
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