
खरबूजे की खेती करना किसानों के लिए एक शानदार आइडिया बन सकता है, लेकिन इसकी बेहतर ग्रोथ के लिए आपको अच्छी क्वालिटी वाली किस्म का चयन करना होगा. दरअसल, गर्मी की शुरुआत होते ही लोग खरबूजा खाना पसंद करते हैं. वैसे तो खरबूजे की खेती जायद के सीजन में की जाती है. लेकिन गर्मी की शुरुआत में ही आप अच्छी कमाई करना चाहते हैं तो जनवरी महीने में खरबूजे की खेती कर सकते हैं. गर्मियों के मौसम में खरबूजे की मांग बाजारों में काफी बढ़ जाती है. ऐसे में अगर आप भी खरबूजे की खेती करना चाहते हैं और उसका बीज मंगवाना चाहते हैं तो आप नीचे दी गई जानकारी की सहायता से पूसा कजरी किस्म के बीज ऑनलाइन अपने घर मंगवा सकते हैं.
मौजूदा समय में किसान धान-गेहूं के अलावा सब्जी की खेती बड़े पैमाने पर करने लगे हैं. इससे किसानों की बंपर कमाई भी हो रही है. इसलिए किसान बड़े स्तर पर इसकी खेती कर रहे हैं. किसानों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय बीज निगम ऑनलाइन खरबूजे की पूसा कजरी किस्म का बीज बेच रहा है. इस बीज को आप एनएससी के ऑनलाइन स्टोर से खरीद कर बंपर कमाई कर सकते हैं. साथ ही इसे ऑनलाइन ऑर्डर करके अपने घर भी मंगवा सकते हैं.
पूसा कजरी खरबूजे की एक लोकप्रिय, मीठी और रसदार किस्म है, जो अपने ताज़गी भरे स्वाद के लिए जानी जाती है. इसका छिलका अक्सर हरा/पीली धारियों वाला और गूदा नारंगी रंग का होता है. यह गर्म मौसम और अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी में अच्छी तरह उगता है, जिससे यह भारत में गर्मियों का पसंदीदा फल है. ये किस्म घर के बगीचों या कमर्शियल खेती के लिए भी उपयुक्त है. इस किस्म की सेल्फ लाइफ 10 दिन होती है. इसके अलावा ये किस्म 75–90 दिनों में पक कर तैयार हो जाती है. साथ ही ये किस्म कई सामान्य रोगों के प्रति सहनशील मानी जाती है.
अगर आप भी खरबूजे की खेती करना चाहते हैं तो पूसा कजरी किस्म के 5 ग्राम के पैकेट का बीज फिलहाल 10 फीसदी छूट के साथ 54 रुपये में राष्ट्रीय बीज निगम की वेबसाइट से खरीद सकते हैं. इसे खरीद कर आप आसानी से खरबूजे की खेती कर बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं.
खरबूजे की खेती अनेक प्रकार की मिट्टी में आसानी से की जा सकती है. लेकिन अच्छी फसल के लिए बलुई दोमट मिट्टी बेस्ट होती है. खेत की तैयारी के लिए पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से और 2 से 3 जुताई कल्टीवेटर से करनी चाहिए. वहीं, प्रत्येक जुताई के बाद पाटा चलाकर मिट्टी को भुरभुरा कर लें. फिर आखिरी जुताई के समय ही खेत में 200 से 250 क्विंटल सड़ी गोबर डालें. इसके बाद खाद को अच्छी प्रकार मिला लें और बीज की बुवाई करें.
Frequently Asked Questions (FAQs)
1. इस किस्म से औसतन कितनी उपज मिलती है?
सही देखभाल में यह किस्म 250–300 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज दे सकती है.
2. इस किस्म की बुवाई का सही समय क्या है?
जनवरी से फरवरी और जून–जुलाई का समय इसकी खेती के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है.
3. इस किस्म में रोगों का खतरा कितना होता है?
यह किस्म कई सामान्य रोगों के प्रति सहनशील मानी जाती है, फिर भी समय पर निगरानी जरूर करें.
4. इसकी खेती से किसानों को क्या फायदा होगा?
पूसा कजरी किस्म से किसानों को अधिक पैदावार, अच्छी क्वालिटी और बेहतर बाजार भाव मिल सकता है.
5. इस किस्म के बीज कहां से सस्ते में मिल सकते हैं?
इस किस्म को किसान राष्ट्रीय बीज निगम के अलावा सरकारी कृषि केंद्रों, कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से बीज खरीद सकते हैं.