पूर्वी आईसीएआर के निदेशक डॉ. दास कहते हैं कि आज जिस तरह से मौसम बदल रहा है, खेती का दायरा कम होता जा रहा है. इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए आईसीएआर अपने सभी जोन में एकीकृत कृषि, फसल विविधीकरण और किसानों को तकनीक से कैसे जोड़ा जाए, इस पर काम कर रहा है. जिसके सफल परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं. साथ ही किसान तकनीक से जुड़कर अपनी आय दोगुनी कर रहे हैं. जिन इलाकों में दिक्कत है, वहां किसानों से संपर्क किया जा रहा है.