उत्तर भारत के गेहूं उत्पादक किसानों के लिए इस रबी मौसम में तापमान का अचानक बढ़ना एक चिंता का विषय बन गया है. खासतौर पर मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के किसानों को इस बढ़ते तापमान के कारण गेहूं की फसल में कमी का डर है. हालांकि, कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय जो अधिकतम और न्यूनतम तापमान दर्ज किया जा रहा है. वह गेहूं की फसल की सहनशीलता सीमा के अंदर है यानी कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन अगर भविष्य में तापमान और बढ़ता है,तो नुकसान हो सकता है. अब सवाल यही है कि अगर मार्च में तापमान बढ़ता है तो क्या गेहूं की फसल ये तापमान बर्दाश्त कर पाएगी. इसका जवाब ढूंढते हैं इस वीडियो में