पद्मश्री से सम्मानित बाराबंकी के किसान रामशरण वर्मा ने अपने खेतों में एक साथ आठ तरह की गेहूं की किस्म को बोया है. उन्होंने किसान तक को बताया की हर किस्म की अपनी एक उत्पादन क्षमता है. वह गेहूं की इन अलग-अलग उन्नत किस्म को एक निश्चित उर्वरक की मात्रा देकर यह जानने की कोशिश करेंगे कि किस किस्म का उत्पादन कितना अच्छा है. वहीं इन पर जलवायु परिवर्तन का कितना असर पड़ रहा है. इन आंकड़ों से भी किसानों की मदद मिलेगी.