प्राकृतिक खेती (Natural Farming) में लागत कम और उपज की कीमत ज्यादा है. यह सिर्फ कहने की बात नहीं है. गिरजा शंकर मौर्य (Girja Shankar Maurya) ने इसे साबित भी किया है. 34 साल के इस किसान ने नैचुरल फार्मिंग का शानदार मॉडल पेश किया है. गिरजा एक एकड़ से भी कम खेत में 14 फसलें उगाते हैं. इसके अलावा अपनी देसी गायों के लिए वह नेपियर घास और फूल के रूप में मनोकामिनी को भी पैदा कर रहे हैं. इस मॉडल को गिरजा शंकर के गांव में हर कोई अपना रहा है. यह उनके गांव में खुशहाली का फॉर्मूला बन चुका है. इसने गांव वालों में जबर्दस्त कॉन्फिडेंस पैदा किया है. खास बात ये है कि सरकार की तरफ से प्राकृतिक खेती के लिए कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं. देखिए ये रिपोर्ट.
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