
मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने आवास पर गायों को चारा खिलाते नजर आए. पीएम मोदी ने जिस गाय को चारा खिलाया है उस गाय का नाम पुंगनूर है. इस गाय को सबसे छोटी गाय का दर्जा प्राप्त है.

आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में एक वैद्य ने 14 साल के अथक परिश्रम के बाद पुंगनूर गाय में नस्ल सुधार किया है. पुंगनूर को सबसे छोटी गाय का दर्जा प्राप्त है. इस वैद्य ने नस्ल सुधार के बाद ढाई फीट की पुंगनूर गाय विकसित की है.

इस गाय का नाम मिनिएचर पुंगनूर रखा गया है. पुंगनूर गाय की सामान्य ऊंचाई तीन से पांच फीट के बीच होती है. जबकि मिनिएचर पुंगनूर की ऊंचाई ढाई फीट तक है. वहीं पुंगनूर जब पैदा होती है तो उसकी हाइट 16 इंच से 22 इंच तक होती है.

मिनिएचर पुंगनूर गाय की ऊंचाई 7 इंच से 12 इंच तक होती है. पुंगनूर गाय का रेट अभी एक लाख से पांच लाख तक है, जो कि रेट मिनिएचर पुंगनूर का है. वहीं कई विदेशी लोग मिनिएचर पुंगनूर गाय की मांग कर रहे हैं.

पुंगनूर गाय की औसत दूध उपज 1-3 लीटर प्रतिदिन होती है. वहीं, यह एक दिन में लगभग 5 किलो चारा खाती है. पुंगनूर गाय की सबसे अच्छी विशेषता यह है कि यह नस्ल सूखा प्रतिरोधी होती है.

पुंगनूर नस्ल के दूध में वसा की मात्रा ज्यादा होती है. इसके अलावा यह औषधीय गुणों से भरपूर होता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गाय के दूध में आमतौर पर वसा की मात्रा 3 से 3.5 प्रतिशत तक होती है.

पशुधन जनसंख्या-2013 के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में पुंगनूर गायों की संख्या सिर्फ 2,772 थी, लेकिन पिछले कुछ सालों में पुंगनूर नस्ल के संरक्षण पर काफी काम हुआ है. वहीं, 2019 में की गई 20वीं पशुधन जनगणना और एनबीएजीआर के मुताबिक, पुंगनूर गायों की संख्या 13275 है.

ध्यान देने वाली बात यह है कि यह देश में सबसे कम संख्या वाली गायों की नस्लों में तीसरे स्थान पर है. अगर सबसे कम संख्या वाली गाय के नस्लों की बात करें तो बेलाही नस्ल की गायों की संख्या सबसे कम 5264 है.
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