
पशुओं के टीकाकरण को लेकर पशुपालकों के मन में अक्सर कई तरह के सवाल उमड़ते रहते हैं. वहीं, खासकर अगर पशु गर्भवती हो तो कन्फ्यूजन और सवाल और बढ़ जाते हैं. ऐसे में आज हम आपके इन सवालों का जवाब बताएंगे.

भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली के पशु एक्सपर्ट्स ने इन सवालों के जवाब दिए हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, गर्भावस्था के शुरुआती समय में पशुओं को टीका लगाने में कोई बुराई नहीं है.

लेकिन गर्भावस्था के आखिरी तीन महीनों में पशुओं को टीका लगाने से बचना चाहिए. ऐसा इसलिए क्योंकि टीके के कारण आया बुखार भ्रूण यानी गर्भ के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. ऐसे में पशुपालकों को इससे बचना चाहिए.

डेयरी पशुओं की किस श्रेणी का टीकाकरण नहीं किया जाना चाहिए? इसके जवाब में एक्सपर्ट ने बताया कि बीमार पशुओं, हाल ही में ब्याये पशुओं (ब्याने के 3-4 सप्ताह बाद तक) और 3-4 महीने की उम्र तक की बछियों को टीका नहीं लगाया जाना चाहिए.

कई बार पशुपालकों के मन में ये भी सवाल रहता है कि टीके के अच्छे से इस्तेमाल के लिए क्या करें, तो इसका जवाब ये है कि टीकों को फ्रिज में रखना चाहिए वहीं, ध्यान रहे कि फ्रिज को धूप से दूर रखा गया हो. इसके अलावा अलग-अलग टीकों के लिए एक ही वैक्सीन गन का इस्तेमाल न करें.

डेयरी पशुओं को टीके लगाने का सही तरीका क्या है? इस सवाल का जवाब ये है कि पशुओं को गर्दन के मध्य क्षेत्र में कंधे के सामने इंजेक्शन लगाना चाहिए. गर्दन के पीछे तरफ इंजेक्शन नहीं लगाना चाहिए. टीका लगाने से पहले सिरिंज या गन से एयर रिलीज कर देनी चाहिए.

इसके अलावा लेबल के अनुसार सही गेज और उचित लंबाई वाली सुई का इस्तेमाल करना चाहिए. वहीं, ध्यान रखें कि हर बार जब आप सिरिंज या वैक्सीन गन भरते हैं तो सुई बदलें. साथ ही दबी हुई, मुड़ी हुई या टूटी हुई सुइयों को बदल दें और इनका इस्ते माल न करें.
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