धान और गन्ना दो ऐसी फसलें हैं जिसमें पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. 1 किलो चावल पैदा करने के लिए किसान को 4000 लीटर पानी खर्च करना पड़ता है तो इसी तरह गन्ने की खेती (Sugarcane Farming) के लिए भी 6 से 8 सिंचाई की जरूरत होती है, लेकिन गन्ने को लेकर कई तरह के मिथक भी हैं. गन्ने की पेराई से 70 फ़ीसदी पानी वापस मिल जाता है . जबकि धान से ऐसा नहीं होता है. इसलिए गन्ने को ज्यादा सिंचाई की जरूरत भले ही हो लेकिन बाद में पानी की वसूली भी हो जाती है. भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ जे सिंह ने बताया कि गन्ने की फसल की पेराई से 70 फ़ीसदी पानी वापस मिलता है जिसका उपयोग शुगर फैक्ट्री में ऊर्जा उत्पादन से लेकर कई तरह के काम में किया जाता है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today