उत्तर प्रदेश में बारिश के बाद नेहरों के द्वारा सिंचाई सबसे ज्यादा होती है. वहीं इस बार बारिश की कमी के चलते अब किसान धान की फसल को जिंदा रखने के लिए नहरों पर आश्रित है. लखनऊ के इंदिरा नहर से निकलने वाली माइनर की हालत अच्छी नहीं है. ज्यादातर माइनर सूखी पड़ी हैं. जबकि सिंचाई विभाग के आंकड़ों में नहरों से लेकर माइनर में पानी ही पानी है. किसान तोताराम बताते हैं कि पिछले 10 सालों से माइनर में पानी नहीं है जिसके चलते उन्हें डीजल के पंप से सिंचाई करनी पड़ती है.
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