मधुमक्खी का अस्तित्व सृष्टि के आरंभ से माना जाता है. मधुमक्खियां शहद ही नहीं बनाती हैं बल्कि हमारे जीवन के लिए भी जरूरी है. मधुमक्खियां सामाजिक प्राणी हैं और एक ग्रुप बनाकर मोम के छत्ते में रहती हैं. इस ग्रुप को कॉलोनी कहा जाता है जिसमें 50000 तक मधुमक्खियों का वास होता है. एक कॉलोनी में कुल तीन तरह की मधुमक्खियां होती हैं जिनमें रानी केवल एक होती है जबकि नर की संख्या सैकड़ों में होती है. मधुमक्खी की कॉलोनी में सामाजिक वर्गीकरण पाया जाता है. रानी मधुमक्खी अपने चार से पांच साल के जीवन काल में अंडे देने का काम करती है. पूरे छत्ते में अंडे देने का काम रानी मधुमक्खी करती है. एक दिन में रानी के द्वारा 2500 से 3000 अंडे दिए जाते हैं जिनसे नर मधुमक्खियां या मादा मधुमक्खियों का जन्म होता है.
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