गर्मी के मौसम में मिट्टी के बर्तन (Mitti Ke Bartan) की काफी मांग रहती है. बाज़ार में डिजाइनर मिट्टी के बर्तन बिक रहे हैं, लेकिन मिट्टी के बर्तन बनाने वाले लोग बेहतर दाम नहीं मिलने से काफ़ी परेशान हैं. यह कहते है कि पहले मिट्टी फ़्री में मिल जाया करती थी. हालांकि अब ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. अब मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कुम्हार को पैसा देकर मिट्टी ख़रीदनी पड़ती है. साथ ही इसको बनाने में मेहनत भी काफी लगती है. मार्केट में भले ही मिट्टी के बर्तनों की डिमांड रहती है लेकिन ग्राहक उचित दाम नहीं देते हैं. जिस कारण तमाम कुम्हार इस व्यवसाय को छोड़ने पर मजबूर हो रहे हैं.
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