
पर्याप्त बारिश होने के बाद छत्तीसगढ़ के पाटन क्षेत्र में धान की रोपाई का कार्य तेजी से शुरू हो गया है. इस बीच खेती को अधिक लाभकारी और श्रम-कुशल बनाने के लिए किसान आधुनिक कृषि यंत्रों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं.ग्राम उजरोड के किसान रूपेश पटेल ने पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान की रोपाई कर क्षेत्र के किसानों के लिए नई मिसाल पेश की है.उनकी इस पहल का निरीक्षण करने अनुविभागीय कृषि अधिकारी पाटन डॉ. इंदिरा त्रिपाठी के नेतृत्व में कृषि विभाग की टीम गांव पहुंची और मशीन से की जा रही रोपाई का अवलोकन किया.
कृषि अधिकारियों ने किसान के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान उत्पादन बढ़ाने के साथ खेती की लागत भी कम कर सकते हैं.मशीन से हो रही धान रोपाई को देखने के लिए आसपास के किसान भी बड़ी संख्या में पहुंचे और इस तकनीक के प्रति उत्साह दिखाया.
किसान रूपेश पटेल ने बताया कि पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान की रोपाई करने से मजदूरों पर निर्भरता काफी कम हो गई है. जहां पहले रोपाई में अधिक समय और श्रमिकों की जरूरत पड़ती थी, वहीं अब कम समय में बड़े क्षेत्र की रोपाई आसानी से हो रही है. इससे खेती की लागत भी कम हुई है और समय की बचत भी हो रही है.
निरीक्षण के दौरान कृषि अधिकारियों ने किसान को फसल प्रबंधन, संतुलित उर्वरक उपयोग, सिंचाई प्रबंधन और कीट नियंत्रण संबंधी तकनीकी सलाह भी दी.
अनुविभागीय कृषि अधिकारी डॉ. इंदिरा त्रिपाठी ने बताया कि पारंपरिक तरीके से धान की रोपाई करने पर प्रति एकड़ लगभग 6 से 7 हजार रुपये का खर्च आता है, जबकि पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन के उपयोग से यह खर्च घटकर करीब 3 हजार रुपये प्रति एकड़ रह जाता है. इससे किसानों को सीधे आर्थिक लाभ मिलता है.
उन्होंने बताया कि मशीन से रोपाई करने पर पौधों की कतारों के बीच समान दूरी बनी रहती है, जिससे खरपतवार नियंत्रण आसान हो जाता है. इसके अलावा केवल 21 दिन की पौध की रोपाई होने से धान के पौधों में अधिक कंसे निकलते हैं, कीट एवं रोगों का प्रकोप कम होता है और परिणामस्वरूप उत्पादन में बढ़ोतरी होती है.
डॉ. त्रिपाठी ने बताया कि पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन की कीमत लगभग 14.40 लाख रुपये है.किसानों को इसे खरीदने के लिए शासन की ओर से 5 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है. इच्छुक किसान कृषि अभियांत्रिकी विभाग के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.
कृषि विभाग का कहना है कि आधुनिक कृषि यंत्रों के उपयोग से खेती को अधिक लाभदायक, समयबद्ध और वैज्ञानिक बनाया जा सकता है. इसी उद्देश्य से विभाग लगातार गांव-गांव जाकर किसानों को नई तकनीकों की जानकारी दे रहा है और आधुनिक कृषि यंत्र अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है.
Copyright©2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today