Animal Care in Summer: पशुओं को तेज गर्मी से बचाने के लिए तीन बड़े एक्सपर्ट ने दिए ये टिप्स 

Animal Care in Summer: पशुओं को तेज गर्मी से बचाने के लिए तीन बड़े एक्सपर्ट ने दिए ये टिप्स 

Animal Care in Summer गर्मी का असर पशुओं की खुराक और हैल्थ पर न पड़े इसके लिए कुछ उपाय अपनाकर इसे रोका जा सकता है. जैसे मौसम के तनाव को कम करने के लिए अच्छा फीड मैनेजमेंट अपनाना चाहिए. शरीर में एनर्जी लेवल को बनाए रखने के लिए बाइपास और प्रिर्जव फैट का इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं एनिमल एक्सपर्ट और साइंटिस्ट के बताए टिप्स पर ही काम करना चाहिए. 

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Animal Care in Summer: पशुओं को तेज गर्मी से बचाने के लिए तीन बड़े एक्सपर्ट ने दिए ये टिप्स 

जून का महीना चल रहा है. कई दिनों से लगातार तेज गर्मी और लू का असर देखने को मिल रहा है. वहीं इन हालात के बीच अल नीनो को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं. एक्सपर्ट की मानें तो अल नीनो का असर तेज गर्मी और कम बारिश के रूप में देखने को मिल सकता है. ऐसे में जून में गर्मी और तेज हो सकती है. पशुओं पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है. जिसके चलते पशुओं का उत्पादन तो घटेगा ही साथ में पशुओं की हैल्थ पर भी असर पर पड़ेगा. 

सभी जानते हैं कि उत्पादन करने वाले दुधारू पशुओं के लिए गर्मी का मौसम नुकसानदायक माना जाता है. क्योंकि तापमान बढ़ते ही पशुओं की खुराक कम हो जाती है. गर्मी पशुओं के लिए परेशानियों का पिटारा लेकर आती है. दुधारू पशुओं पर गर्मी का असर होने से पशुपालकों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ता है. गाय के मुकाबले भैंसों को गर्मियों में ज्यादा परेशानी होती है. भैंस गर्मी को बर्दाश्त नहीं कर पाती है, जिसके चलते एक साथ कई बीमारियों की चपेट में आ जाती है. 

गढवासु के एनिमल एक्सपर्ट के टिप्स 

दूध उत्पादन कम हो जाता है. पशु हीट स्ट्रोक और हीट स्ट्रेस की चपेट में भी आ जाता है. गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (गडवासु), लुधियाना के तीन एनिमल साइंटिस्ट की मानें तो इस तरह के मौसम को देखते हुए एनिमल शेड मैनेजमेंट, पानी का इस्तेमाल, फीड और फोडर मैनेजमेंट में बदलाव और हैल्थ मैनेजमेंट करने के साथ-साथ पशुओं के तनाव को कम करने की जरूरत पर ध्यान देना चाहिए. 

साइंटिस्ट डॉ. यशपाल सिंह के टिप्स 

  • डेयरी पशुओं को शेड में खड़े होने और आराम करने की जगह दें.
  • पशुओं के लिए हवादार शेड का इंतजाम करना चाहिए. 
  • शेड के खुले सिरे को छप्पर, जूट, पर्दों से ढक देना चाहिए. 
  • शीट की छत को भी छप्पर से ढका जा सकता है.
  • एनिमल शेड की छत सफेद और नीचे के हिस्से को गहरे रंग से रंग दें. 
  • शेड को ठंडा रखने के लिए दक्षिणी दीवार के किनारे पेड़ लगाएं. 
  • एनिमल शेड में पीने के साफ और स्वच्छ पानी का इंतजाम रखें. 
  • सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक 3-4 बार पशुओं पर पानी छिड़कना चाहिए.
  • शेड में पानी की बौछार, छिड़काव और फॉगिंग करने से गर्मी कम होती है. 
  • भैंस हैं तो उन्हें सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक तालाब में नहाने का मौका दें.
  • मुमकिन हो तो शेड में पंखे, गीले पर्दे या पैनल, कूलर का इस्तेमाल करें. 
  • पर्याप्त मात्रा में ताजा, ठंडा पीने योग्य पीने का पानी (आमतौर पर गांवों में उपयोग किए जाने वाले मिट्टी के घड़े में) का प्रावधान भी गर्मी के भार को कम करने में मदद करता है. 

साइंटिस्ट डॉ. जसपाल सिंह हुंदल के टिप्स 

  • पशुओं में गर्मी का तनाव और उससे होने वाले नुकसान को अच्छी खुराक से कम करें. 
  • गर्मियों के दौरान पशुओं की खुराक कम हो तो बाइपास और प्रिजर्व फैट का इस्तेमाल करें.
  • पशुओं की खुराक में मक्का सिलेज, बरसीम घास और ताजा हरा चारा इस्तेमाल करें. 
  • खनिज संतुलन बनाए रखने के लिए खमीर, सोडियम बाइकार्बोनेट, इलेक्ट्रोलाइट्स और पर्याप्त पोटेशियम, सोडियम और मैग्नीशियम मददगार होता है. 
  • नम टीएमआर दें और शाम-रात के घंटों के दौरान 60-70 फीसद राशन खिलाएं. 

पशुपालकों के लिए डॉ. परमजीत कौर के टिप्स  

  1. पशुओं के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए डीवार्मिंग और वैक्सीनेशन कराएं. 
  2. गर्मियों के दौरान एक्टो-परजीवियों का संक्रमण बढ़ जाता है.
  3. परजीवियों से बचाव के लिए पशुओं संग शेड में एसारिसाइडल स्प्रे कराएं. 
  4. एनिमल शेड में जैव सुरक्षा का पालन बहुत जरूरी है, दवा का छिड़काव करें. 

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