मछली पालन के नाम पर चल रहा था गंदा खेल, 90 टन मुर्गे का अपशिष्ट जब्त

मछली पालन के नाम पर चल रहा था गंदा खेल, 90 टन मुर्गे का अपशिष्ट जब्त

हैदराबाद में पुलिस और GHMC ने मछली पालन में मुर्गे के सड़े-गले अपशिष्ट के अवैध इस्तेमाल का बड़ा भंडाफोड़ किया है. छापेमारी में 90 टन कचरा और कई वाहन जब्त किए गए. यह अपशिष्ट बिना सुरक्षा मानकों के दूसरे राज्यों में भेजा जा रहा था, जिससे गंभीर स्वास्थ्य और पर्यावरणीय खतरे पैदा हो सकते थे. आरोपीयों के खिलाफ जांच जारी है.

90 टन सड़ा अपशिष्ट हुआ जब्त90 टन सड़ा अपशिष्ट हुआ जब्त
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jun 09, 2026,
  • Updated Jun 09, 2026, 10:17 AM IST

हैदराबाद में पुलिस और ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) की एक साथ की गई कार्रवाई में एक बड़े अवैध रैकेट का पर्दाफाश हुआ है, जो मछली पालन के लिए मुर्गे के सड़े-गले अपशिष्ट का इस्तेमाल कर रहा था. यह कार्रवाई हैदराबाद फूड एडल्टरेशन सर्विलांस टीम (H-FAST) और पशु चिकित्सा विभाग की मदद से की गई. टीम ने अम्बरपेट, कुलसुमपुरा, अत्तापुर और राजेंद्रनगर जैसे कई इलाकों में छापेमारी कर लगभग 90 टन मुर्गे का अपशिष्ट और सात वाहन जब्त किए हैं. शुरुआती जांच में पता चला है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और शहर की पोल्ट्री दुकानों से कचरा इकट्ठा कर इसे अवैध तरीके से दूसरे राज्यों तक पहुंचाया जा रहा था.

कम खर्च के लिए किया जा रहा था खतरनाक इस्तेमाल

जांच अधिकारियों के अनुसार, यह मुर्गे का अपशिष्ट बिना किसी लाइसेंस और सुरक्षा मानकों के एकत्र किया जाता था. इसे आंध्र प्रदेश के वेस्ट गोदावरी और तेलंगाना के नलगोंडा जैसे इलाकों में मछली पालन के लिए सस्ते चारे के रूप में बेचा जा रहा था. यह तरीका इसलिए अपनाया जा रहा था ताकि मछली उत्पादन की लागत कम की जा सके और ज्यादा मुनाफा कमाया जा सके, लेकिन यह पूरी तरह से अवैध और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है.

सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा

विशेषज्ञों का कहना है कि सड़ा हुआ पोल्ट्री वेस्ट बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी और कई तरह के हानिकारक कीटाणुओं से भरा हो सकता है. जब इसे मछलियों को खिलाया जाता है, तो यह पानी को प्रदूषित करता है और धीरे-धीरे ये हानिकारक तत्व खाद्य श्रृंखला के जरिए इंसानों तक पहुंच सकते हैं. इससे फूड प्वाइजनिंग, पेट संबंधी बीमारियां और अन्य गंभीर संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा यह पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाता है, जिससे बदबू, जल प्रदूषण और मच्छरों व चूहों जैसे रोगवाहकों की संख्या बढ़ सकती है.

पुलिस की सख्त कार्रवाई, केस दर्ज

पुलिस ने इस पूरे मामले में कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और अब इस नेटवर्क से जुड़े संचालकों, ट्रांसपोर्टरों और अंतिम उपयोगकर्ताओं की पहचान की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित अवैध कारोबार हो सकता है, जिसमें कई राज्यों तक सप्लाई नेटवर्क फैला हुआ है. GHMC ने जब्त किए गए 90 टन अपशिष्ट को वैज्ञानिक तरीके से नष्ट कर दिया है ताकि किसी भी तरह का संक्रमण न फैले.

प्रशासन की अपील और चेतावनी

हैदराबाद पुलिस ने मछली पालकों और आम जनता को चेतावनी दी है कि किसी भी हालत में कच्चे या सड़े हुए पोल्ट्री अपशिष्ट का उपयोग न करें. साथ ही नागरिकों, मीट दुकानदारों और व्यापारियों से अपील की गई है कि अगर कहीं भी अवैध कचरा संग्रह या परिवहन दिखे तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें. अधिकारियों ने साफ कहा है कि खाद्य सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी ताकि लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके.

ये भी पढ़ें: 

Milk Production: गाय-भैंस के बच्चा देने के बाद इन 5 कारणों से कम हो सकता है दूध उत्पादन
EL-Nino: डेयरी-पशुपालन पर बढ़ा अल नीनो का खतरा, कम हो सकता है दूध उत्पादन!

MORE NEWS

Read more!